फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Happiness doubled on the safe return of daughter

पुत्री के सकुशल वापसी पर खुशियां हुई दोगुना

Sun, 20 Mar 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
Happiness doubled on the safe return of daughter
यूक्रेन से गांव पहुंची साक्षी के साथ मौजूद परिवार के लोग। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
जमानिया। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद भारत में उन परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई जिनके बच्चे वहां पढ़ाई कर रहे थे। ग्राम देवरिया पाह सैय्यदराजा के त्रिपाठी परिवार की खुशियां उस समय दोगुना हो गई जब उनकी पुत्री साक्षी होली के एक दिन पहले यूक्रेन से सकुशल लौट आई।
विज्ञापन

साक्षी के पिता शिव दरश त्रिपाठी ने बताया कि साक्षी यूक्रेन के पश्चिमी में स्थित टेरनोपिल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। अब उसको पाठ्यक्रम पूरा होने की चिंता सता रही है। साक्षी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में हमारी कक्षाएं चल रही थी कि 24 फरवरी को रूस की कीव पर हमले की सूचना मिली। सभी छात्र भयभीत हो गए। कीव से टेरनोपिल की दूरी ज्यादा नही हैं। कुछ देर बाद यूनिवर्सिटी से सूचना मिली कि अब ऑनलाइन पढ़ाई होगी तो सभी हॉस्टल आ गए। रात को बंकर में रखा गया। रात को दस बजे सायरन बजने लगा तो हमें वहां से भागने के लिए तैयार रहने को कहा गया। किसी तरह दो दिन बीते कि हमारा इलाका भी रेड जोन में आ गया। हमें भारतीय दूतावास से संदेश आया कि आप लोग स्लोवाकिया, पोलैंड, हंगरी और रोमानिया की सीमा के पार करने का प्रयास करें। फिर हम सुविधा अनुसार अपनी बस पर भारतीय झंडा लगाकर रोमानिया के लिए रवाना हुए। जाम के कारण रोमानिया सीमा से 15 किलोमीटर पहले बस वाले ने उतार दिया। वहां से पैदल ही सभी रात 11 बजे रोमानिया पहुंचे। रोमानिया में फल, दूध और खाना दिया गया। छात्रों को अलग अलग शेल्टर में रखा गया। 27 फरवरी को रोमानिया पहुंचने के तीन दिन बाद रात आठ बजे एयरफोर्स का विमान हमें गाजियाबाद ले आया। वहां राज्यमंत्री अजय भट्ट ने रिसीव किया और यूपी भवन ले गए। वहां से कोविड टेस्ट के बाद प्रयागराज भेज दिया गया, जहां पिताजी तैनात हैं। वह होली पर गांव आई तो उसे देखकर दादा पूर्व प्रधान कपिलदेव त्रिपाठी की आंखें डबडबा गईँ। माता सरिता देवी, दादा कपिलदेव त्रिपाठी, दादी नागदेई सावित्री, चाचा श्याम जी त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed