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जेएसवाई के लक्ष्य का आधा प्रसव, उसका भी भुगतान लटका

Tue, 02 Aug 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 11:36 PM IST
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Half the delivery of JSY's target, its payment also hangs
बजट के अभाव में जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं का भुगतान अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि बीते अप्रैल माह में मात्र 101 लाभार्थियों को ही जेएसवाई का लाभ मिल सका। जबकि 2253 लाभार्थियों का भुगतान अभी भी अधर में लटका हुआ है। जबकि तीन माह अप्रैल, मई और जून माह में मात्र 7165 ही प्रसव हुए, जबकि 14,700 का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। वहीं 7165 में से 3409 प्रसूता ही लाभान्वित हो सकी। यहीं नहीं आशाओं का भी करीब 80 प्रतिशत तक भुगतान अब तक नहीं हो सका है। ऐसे में एक तरफ जहां महकमा बजट का अभाव बताकर पल्ला झाड़ रहा है, वहीं योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी सीएचसी- पीएचसी का चक्कर काटने को विवश हैं।
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जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत ग्रामीण प्रसूताओं को शासन की ओर से 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं नगरीय क्षेत्र की प्रसूताओं को एक हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को लाने और सुरक्षित प्रसव कराने के लिए ग्रामीण इलाकों में तैनात आशा कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 600 रुपये और नगर क्षेत्र में तैनात आशाओं को 400 रुपये का भुगतान किया जाता है। यहीं नहीं सीएचसी, पीएचसी और जिला महिला अस्पताल में सामान्य प्रसव का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए करीब 49,100 प्रसव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल माह में 2354 प्रसव हुआ, जिसमें 101 लाभार्थियों को जेएसवाई का भुगतान हो सका। जबकि मई माह में 2412 में से 1701 और जून माह में 2399 में 1607 प्रसूतियों को इस योजना का लाभ मिल सका। इन तीनों माह को मिलाकर 7165 प्रसव हुआ और 3409 को ही लाभांवित किया जा सका। यहीं नहीं अगर इन तीनों माह के प्रसव लक्ष्य को देखा जाए तो 14,700 है, जबकि प्रसव मात्र 7165 ही हो सका है। बजट का अभाव दिखाकर विभागीय अधिकारी पल्ला झाड़ ले रहे हैं। नोडल एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि बजट आ चुका है। शेष लाभार्थियों का भुगतान जल्द हो जाएगा।
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दो करोड़ पांच लाख 80 हजार का भेजा गया था प्रस्ताव
गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल, मई और जून के लिए जेएसवाई भुगतान को लेकर दो करोड़ पांच लाख 80 हजार का प्रस्ताव भेजा था, जिससे लक्ष्य के सापेक्ष प्रसूताओं का भुगतान हो सके। जबकि शासन की ओर से जून माह में मात्र 68 लाख 60 हजार रुपये ही बजट उपलब्ध कराया जा सका। अब 25 जुलाई को शासन ने एक करोड़ 37 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया है। अब विभाग ब्लाकवार बजट आवंटन को लेकर कार्रवाई में जुटा हुआ है।
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अब सीएमओ कार्यालय से होगा आशाओं का भुगतान
गाजीपुर। जिले में 3544 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं, जिनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार से लेकर मरीजों को दवा पहुंचाने तक का काम करती है। पूर्व में आशाओं के भुगतान ब्लाकवार किया जाता था, लेकिन एक अगस्त को शासन की ओर से मिले निर्देशानुसार अब आशाओं का भुगतान सीएमओ कार्यालय से सीधे उनके खाते में किया जाएगा। इसको लेकर विभागीय तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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