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Ghazipur News: 20 दिन में 50 फीसदी महंगी हुईं हरी सब्जियां
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गहमर। 20 दिनों के अंदर में सब्जियों की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत का उछाल आया है। इससे आम आदमी की थाली से सब्जियां दूर होती नजर आ रही हैं। सब्जियों की कीमत बढ़ने से लोगों की जेब ढीली हो रही है।
सब्जी के थोक और फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि बलिया और बिहार समेत विभिन्न जगहों से हरी सब्जियां आ रही हैं। स्थानीय आवक कम होने के साथ सब्जियों का भाव काफी टाइट हो गया है। इससे सब्जियों के मूल्य में उछाल देखने को मिल रहा है।
थोक मंडियों में लगभग 50 प्रतिशत सब्जियां महंगी बिकी हैं। मांग के मुकाबले स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो रही है।
सतरामगंज बाजार, सेवराई, भदौरा, गहमर, बारा सहित आसपास के छोटे-बड़े बाजारों में परवल गाजीपुर, सीतापुर से करैला, इटावा से बैंगन, रांची से फूलगोभी व नेनुआ, कोहड़ा मीरजापुर व सोनभद्र से आ रहा है।
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जबकि बाराबंकी से हरी मिर्च, बंगलूरू से टमाटर, अदरक व सूरन आ रहा है। इटावा से शिमला मिर्च की आवक है। इतनी दूर से सब्जियों के आने के कारण महंगाई की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है।
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सब्जी के थोक और फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि बलिया और बिहार समेत विभिन्न जगहों से हरी सब्जियां आ रही हैं। स्थानीय आवक कम होने के साथ सब्जियों का भाव काफी टाइट हो गया है। इससे सब्जियों के मूल्य में उछाल देखने को मिल रहा है।
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थोक मंडियों में लगभग 50 प्रतिशत सब्जियां महंगी बिकी हैं। मांग के मुकाबले स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो रही है।
सतरामगंज बाजार, सेवराई, भदौरा, गहमर, बारा सहित आसपास के छोटे-बड़े बाजारों में परवल गाजीपुर, सीतापुर से करैला, इटावा से बैंगन, रांची से फूलगोभी व नेनुआ, कोहड़ा मीरजापुर व सोनभद्र से आ रहा है।
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जबकि बाराबंकी से हरी मिर्च, बंगलूरू से टमाटर, अदरक व सूरन आ रहा है। इटावा से शिमला मिर्च की आवक है। इतनी दूर से सब्जियों के आने के कारण महंगाई की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है।