फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Ghazipur: Life is being lost due to snakebite in the bush, know what the doctors say

गाजीपुर: झाड़-फूंक में सर्पदंश से जा रही जान, जानें क्या कहते हैं चिकित्सक

Wed, 11 Aug 2021 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 10:27 PM IST
विज्ञापन
Ghazipur: Life is being lost due to snakebite in the bush, know what the doctors say
गाजीपुर। जिले में अब भी लोग सर्पदंश के मरीजों का इलाज कराने के बजाय झाड़-फूूूूंक के चक्कर पड़ जा रहे हैं। सर्पदंश से मई, जून और जुलाई माह में सात लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति तो यह है बारिश के कारण सर्पदंश के मामले बढ़े हैं। जिला अस्पताल में एक से दो मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें समय पर इलाज मुहैया कराकर उनकी जान बचाई जा रही है।
विज्ञापन

ग्रामीण इलाकों में बरसात में सर्पदंश एवं विषैले जीव जंतु के डंसने का भय बना रहता है। खासकर खेतों एवं मिट्टी के मकान में इसका अधिक भय बना रहता है। हालांकि सर्पदंश जैसे मामले को लेकर अब भी लोग अंधविश्वास से घिरे हैं। लोग उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के लिए विभिन्न स्थानों पर जाते हैं और ऐसे में विष मरीज के पूरे शरीर में फैल जाता है। हालत गंभीर होने पर जब-तक परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचते हैं। तब तक मौत हो जाती है।
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम
गाजीपुर। जिले के 16 सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से औषधी भंडार केंद्र में 535 वायल भी सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में 250 एंटी स्नेक वेनम है। सर्पदंश के मरीजों का तत्काल इस इंजेक्शन को लगाकर उनकी जान बचाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देर न करें, तत्काल पहुंचे अस्पताल
सीएमएस डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि सर्पदंश के बाद प्रथम एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लग जाना चाहिए। अक्सर लोग पहले तो झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। इस वजह से उनकी जान चली जाती है। सांप जहरीला न होने की स्थिति में कुछ लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन अधिकांश केस में जहरीला सांप होने पर जब उन्हें झाड़-फूंक से राहत नहीं मिलती तब अस्पताल जाते हैं। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। डॉक्टर का कहना है कि सांप डंसने के बाद देर न करें, तत्काल अस्पताल पहुंचें। सीधा अस्पताल आने वाले अधिकांश लोगों की जान बच जाती है।
दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव में 12 जुलाई की शाम खेत में भुट्टा तोड़ रहे किसान नंदलाल राजभर (40) को सर्प ने डंस लिया था। परिजन इलाज के लिए अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक के लिए अमवा सती धाम ले गए थे। यही नहीं विष शरीर में न चढ़े, इसके लिए लोगों ने पैर को रस्सी से बांध दिया था। नतीजा मऊ स्थित फातिमा अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई थी।

दिलदारनगर थाना क्षेत्र के भरवलिया गांव के सिवान में छह जुलाई को राजेश राजभर (43) को सर्प ने डंस लिया था। परिजन हालत बिगड़ने पर आनन-फानन पीएचसी ले गए। तत्काल उपचार न मिल पाने की स्थिति में व्यक्ति के शरीर में विष फैल चुका था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
इस तरह करें बचाव
बरसात में बाहर निकलते समय बूट, मोटे कपडे़ का पैंट आदि पहने।
सर्पदंश पर घबराये नहीं, आराम से लेट जाएं। कपडे़ ढीले कर दें। चूड़ी, कड़े, घड़ी अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दें।
छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें।
घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दें।
झाड़-फूंक से बचें, पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed