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तीसरे दिन भी मूर्ति चोरों का पता लगाने में नाकाम रही पुलिस
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रेवतीपुर। थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव में स्थित वेंकटेश (ठाकुरबाड़ी) मंदिर में चोरों ने बीते बुधवार की रात ताला तोड़कर अष्टधातु की तीन मूर्तियों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त हो गया। घटना के तीसरे दिन भी पुलिस चोरों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली की लोगों में चर्चा होती रही।
स्थानीय गांव में स्थित वेंकटेश (ठाकुरबाड़ी) मंदिर लोगों के आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसमें स्थापित भगवान वेंकटेश, श्री देवी एवं भूदेवी की दो-दो फीट की अष्टधातु की मूर्तियां श्रद्धालुओं के आस्था एवं विश्वास की केंद्र थे। भक्त इनके आगे शीश नवाकर मंगलवार की कामना करते थे। हर दिन की तरह बीते मंगलवार की देर शाम भी पुजारी दामोदर प्रपन्नाचार्य ने आरती भोग के बाद मंदिर में ताला बंद कर ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरा में होने चले गए थे। सुबह जब नीचे उतरे तो मंदिर के दरवजाजा का टूटा ताला देख उनके होश उड़ गए थे। अंदर प्रवेश किए थे तो देखा कि तीनों अष्टधातु की मूर्तियां गायब थी। जानकारी होते ही वहां सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए थे और घटना पर आक्रोश व्यक्त करने लगे थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन की थी। तीसरे दिन भी चोरों का पता न चलने से लोगों में रोष था। उनका कहना था कि पुलिस की निष्क्रियता की वजह से मामले का खुलासा नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अवधेश प्रसाद सिंह बताया कि चोरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी कर चोरी गई मूर्तियों को बरामद कर मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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स्थानीय गांव में स्थित वेंकटेश (ठाकुरबाड़ी) मंदिर लोगों के आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसमें स्थापित भगवान वेंकटेश, श्री देवी एवं भूदेवी की दो-दो फीट की अष्टधातु की मूर्तियां श्रद्धालुओं के आस्था एवं विश्वास की केंद्र थे। भक्त इनके आगे शीश नवाकर मंगलवार की कामना करते थे। हर दिन की तरह बीते मंगलवार की देर शाम भी पुजारी दामोदर प्रपन्नाचार्य ने आरती भोग के बाद मंदिर में ताला बंद कर ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरा में होने चले गए थे। सुबह जब नीचे उतरे तो मंदिर के दरवजाजा का टूटा ताला देख उनके होश उड़ गए थे। अंदर प्रवेश किए थे तो देखा कि तीनों अष्टधातु की मूर्तियां गायब थी। जानकारी होते ही वहां सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए थे और घटना पर आक्रोश व्यक्त करने लगे थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन की थी। तीसरे दिन भी चोरों का पता न चलने से लोगों में रोष था। उनका कहना था कि पुलिस की निष्क्रियता की वजह से मामले का खुलासा नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अवधेश प्रसाद सिंह बताया कि चोरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी कर चोरी गई मूर्तियों को बरामद कर मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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