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Ghazipur News: गंगा-गोमती उफनाईं, 50 बीघा सब्जी की फसल डूबी

Mon, 14 Jul 2025 11:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:52 PM IST
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Ganga-Gomti overflowed, 50 bigha vegetable crop submerged
गाजीपुर। गंगा और गोमती उफना गई हैं। जगह-जगह खेत जलमग्न हो गए हैं। निचले इलाके के गांवों की तरफ खेतों से होते हुए बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की शाम सात बजे तक गंगा का जलस्तर 61.040 मीटर तक पहुंच गया। जबकि खतरा बिंदु 61.550 मीटर है। दोपहर में धारा की रफ्तार सात सेंटी मीटर प्रति घंटे थी, जो अब फैलाव के बाद तीन सेंटी मीटर प्रति घंटे पर दर्ज की गई है। हालांकि प्रशासन इस पर हर पल नजर रखे हुए हैं।
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ददरी घाट पर चबूतरे तक पानी चढ़ गया है। कलेक्टर घाट पर चबूतरे की आखिरी सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है। जबकि गोला घाट पर निचले इलाके तक पानी पहुंच गया है। पुल के उस पार भी रेत में होने वाली सब्जी की खेती नष्ट हो चुकी है। सुहवल क्षेत्र के कालूपुर मुस्तकम में बाढ़ का पानी गांव की तरफ बढ़ने लगा है। सैदपुर क्षेत्र के पूर्वी हिस्से पटना और पश्चिमी क्षेत्र के फुलवारी, फुलवारी कला, देवचंदपुर, मीरपुर, चकेरी आदि गंगा के तटवर्ती गांव हैं। यह जनपद का निचला क्षेत्र माना जाता है। इसके कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पसरता है। इन गांवों में किनारे-किनारे लगभग 20 बीघा के दायरे में गंगा का पानी पसर चुका है। इन खेतों में नेनुआ, परवल व लौकी की खेती किसानों की ओर से की गई है। किसानों का कहना है कि पानी और पसरेगा तो सब्जी की खेती नष्ट हो जाएगी। वहीं खानपुर क्षेत्र के गौरहट के मुख्य मार्ग पर 100 से 150 मीटर तक एक फीट तक गोमती नदी के बाढ़ का पानी फैल चुका है। गोमती का जलस्तर बढ़ते रहा तो गांव में नाव चलाने की नौबत आ जाएगी। वहीं भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर के मुबारकपुर मौजा के गंगा किनारे रेत में किसानों नरे 50 बीघा में परवल की खेती की थी। वह अब गंगा में समाहित हो चुका है। किसान सुरेंद्र चौधरी, मंगरु, शिवबचन, अजय, बाबुलाल, रामलाल, राजकुमार आदि ने बताया कि किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
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सैदपुर क्षेत्र के पटना गांव में किसान दीपचंद निषाद ने बताया कि उन्होंने करैला, नेनुआ आदि की खेती तीन बीघा रकबे में की है। खेत में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने के कारण कीचड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं, शेरपुर के मुबारकपुर मौजा में कटान के कारण चार बिस्वा कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण हो रहे कटान से किसान भयभीत हैं।
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मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के सेमरा व आसपास के गांवों में गंगा के कटान से गांव का बड़ा हिस्सा पहले ही नदी में समा चुका है। गांव के अस्तित्व को बचाने के लिए तट पर बांध का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के कारण तटबंध कई स्थानों पर कमजोर हो गया है। इससे गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंध टूट सकता है।
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