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Ghazipur News: गाजीपुर में गंगा चेतावनी बिंदु के पार, जलस्तर 62.140 मीटर पर पहुंचा
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गाजीपुर। जनपद में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु 62.105 मीटर को पार कर 62.140 मीटर पर पहुंच गया हैै। पानी का रुख तटवर्ती गांवों की ओर है। इससे भांवरकोल, रेवतीपुर और सैदपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगभग 125 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। रेवतीपुर क्षेत्र के तीन गांव परमानंदपुर, हसनपुरा और बीरऊपुर गांव का संपर्क मार्ग बाढ़ में डूब चुका है। इससे पशुओं के चारे तक का संकट गहरा गया है।
गंगा का जल स्तर बृहस्पतिवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि पिछले वर्ष आठ अगस्त को दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। गंगा का उफान देख तटवर्ती इलाके के लोग चितिंत हैं। वहीं, प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। एडीएम से लेकर एसडीएम तक निचले इलाके वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने निकल रहे हैं। सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 62.020 मीटर दर्ज किया गया। जबकि दोपहर तीन बजे 62.140 मीटर गंगा का जलस्तर दर्ज किया गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर छह से सात सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था।
बाढ़ का शुरुआती असर रेवतीपुर क्षेत्र के निचले इलाकों और सैदपुर क्षेत्र के कुछ गांवों में देखने को मिल रहा है। नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर, परमानंदपुर, दुल्लहपुर सहित आधा दर्जन गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ गया है। परवल, टमाटर, चरी की फसल लगभग 100 बीघा के दायरे में जलमग्न हो चुकी है।
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औड़िहारः गंगा और गोमती नदी उफनाने के कारण सैदपुर तहसील क्षेत्र के औड़िहार, कुसई, खरौना, सूरजभान चक, सिधौना, नगरिया नाला, गौरी, गोरखा, खेतारपुर, गौरहट आदि गांवों के खेतों में पानी आ गया है। दो दिनों में लगभग 50 बीघा खेत जलमग्न हो चुका है। सबसे अधिक खरीफ की फसलें प्रभावित हुई हैं।
भांवरकोल क्षेत्र में धीमी गति से कटान शुरू
भांंवरकोल। शेरपुर के जलालपुर मौजा और मुबारकपुर में धीमी गति से कटान शुरू हो गई है। अब तक लगभग 20 बीघा भूखंड गंगा में समाहित हो चुका है। बाढ़ और कटान से बृज बिहारी राय, प्रवीण राय पप्पू, रामबचन राय ,जनार्दन राय, राजू राय, रामाधार राय सहित लगभग 100 से अधिक किसान प्रभावित हैं। मुबारकपुर मौजा में श्री नारायण राय, सत्यनारायण राय, रविंद्र राय, राजेश राय, सुरेंद्र राय आदि किसानों का भूखंड कटान की जद में आ चुका है। गंगा का पानी वीरपुर के पास भांगड़ नाले के माध्यम से तटबंध से बाहर निकलकर मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। गंगा की तलहटी में खेती करने वाले वीरपुर के किसान हवलदार चौधरी, कमलेश चौधरी, जनार्दन, रामविलास ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपये लागत लगाकर सब्जी की खेती की है। बाढ़ का पानी पसरने के कारण खेती नष्ट होने का खतरा सता रहा है। संवाद
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बाढ़ के पानी से घिरा आंगनबाड़ी केंद्र
रेवतीपुर से कामाख्या-गहमर जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। हसनपुरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ से घिर चुका है। आंगनबाड़ी केंद्र में लगभग 40 बच्चों का नामांकन हुआ है। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है। सेवराई उपजिलाधिकारी संजय यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर गांवों का दौरा किया। उन्होंने से कहा कि प्रयागराज में गंगा का पानी स्थिर हो गया है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन, सतर्क रहना है, जब तक पानी में घटाव शुरू नहीं हो जाता। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 15 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। रेवतीपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय व कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बाढ़ राहत बचाव दल को ठहराया गया है। साथ ही बाढ़ राहत चौकी भी बनाई गई है। रेवतीपुर स्थित नेहरू विद्यापीठ इंटर काॅलेज एवं नौली इंटर काॅलेज पर बाढ़ राहत कार्यालय को सक्रिय कर दिया गया है।
कर्मनाशा का जलस्तर भी बढ़ाव पर
गहमर। क्षेत्र में उप्र-बिहार सीमा को विभाजित करने वाली कर्मनाशा नदी के जलस्तर में भी बढ़ाव है। इससे ग्रामीण सहमे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार से गंगा और कर्मनाशा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे रात तक बाड़ क्षेत्र में बाढ़ का पानी पसर सकता है। इससे लगभग 100 बीघा के दायरे में खेती प्रभावित होने की संभावना है। संवाद
पशुओं के उपचार के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
बाढ़ में पशुओं के उपचार और टीकाकरण को लेकर सदर पशु चिकित्सालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका नंबर 05483564403 है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के पशु पालक अपने मवेशियों के उपचार और टीकाकरण के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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एक नजर में तैयारी....
बाढ़ चौकियां - 160
पशु शिविर संख्या - 35
पशु चिकित्साधिकारियों की तैनाती - 22
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती - 4
पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती - 26
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बाढ़ की स्थिति का मापदंड
62.105 मीटर, चेतावनी बिंदु
63.105 मीटर, खतरा बिंदु
65.220 मीटर, उ.बा .स्तर
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गंगा का जल स्तर बृहस्पतिवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि पिछले वर्ष आठ अगस्त को दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। गंगा का उफान देख तटवर्ती इलाके के लोग चितिंत हैं। वहीं, प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। एडीएम से लेकर एसडीएम तक निचले इलाके वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने निकल रहे हैं। सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 62.020 मीटर दर्ज किया गया। जबकि दोपहर तीन बजे 62.140 मीटर गंगा का जलस्तर दर्ज किया गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर छह से सात सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था।
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बाढ़ का शुरुआती असर रेवतीपुर क्षेत्र के निचले इलाकों और सैदपुर क्षेत्र के कुछ गांवों में देखने को मिल रहा है। नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर, परमानंदपुर, दुल्लहपुर सहित आधा दर्जन गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ गया है। परवल, टमाटर, चरी की फसल लगभग 100 बीघा के दायरे में जलमग्न हो चुकी है।
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औड़िहारः गंगा और गोमती नदी उफनाने के कारण सैदपुर तहसील क्षेत्र के औड़िहार, कुसई, खरौना, सूरजभान चक, सिधौना, नगरिया नाला, गौरी, गोरखा, खेतारपुर, गौरहट आदि गांवों के खेतों में पानी आ गया है। दो दिनों में लगभग 50 बीघा खेत जलमग्न हो चुका है। सबसे अधिक खरीफ की फसलें प्रभावित हुई हैं।
भांवरकोल क्षेत्र में धीमी गति से कटान शुरू
भांंवरकोल। शेरपुर के जलालपुर मौजा और मुबारकपुर में धीमी गति से कटान शुरू हो गई है। अब तक लगभग 20 बीघा भूखंड गंगा में समाहित हो चुका है। बाढ़ और कटान से बृज बिहारी राय, प्रवीण राय पप्पू, रामबचन राय ,जनार्दन राय, राजू राय, रामाधार राय सहित लगभग 100 से अधिक किसान प्रभावित हैं। मुबारकपुर मौजा में श्री नारायण राय, सत्यनारायण राय, रविंद्र राय, राजेश राय, सुरेंद्र राय आदि किसानों का भूखंड कटान की जद में आ चुका है। गंगा का पानी वीरपुर के पास भांगड़ नाले के माध्यम से तटबंध से बाहर निकलकर मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। गंगा की तलहटी में खेती करने वाले वीरपुर के किसान हवलदार चौधरी, कमलेश चौधरी, जनार्दन, रामविलास ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपये लागत लगाकर सब्जी की खेती की है। बाढ़ का पानी पसरने के कारण खेती नष्ट होने का खतरा सता रहा है। संवाद
बाढ़ के पानी से घिरा आंगनबाड़ी केंद्र
रेवतीपुर से कामाख्या-गहमर जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। हसनपुरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ से घिर चुका है। आंगनबाड़ी केंद्र में लगभग 40 बच्चों का नामांकन हुआ है। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है। सेवराई उपजिलाधिकारी संजय यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर गांवों का दौरा किया। उन्होंने से कहा कि प्रयागराज में गंगा का पानी स्थिर हो गया है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन, सतर्क रहना है, जब तक पानी में घटाव शुरू नहीं हो जाता। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 15 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। रेवतीपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय व कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बाढ़ राहत बचाव दल को ठहराया गया है। साथ ही बाढ़ राहत चौकी भी बनाई गई है। रेवतीपुर स्थित नेहरू विद्यापीठ इंटर काॅलेज एवं नौली इंटर काॅलेज पर बाढ़ राहत कार्यालय को सक्रिय कर दिया गया है।
कर्मनाशा का जलस्तर भी बढ़ाव पर
गहमर। क्षेत्र में उप्र-बिहार सीमा को विभाजित करने वाली कर्मनाशा नदी के जलस्तर में भी बढ़ाव है। इससे ग्रामीण सहमे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार से गंगा और कर्मनाशा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे रात तक बाड़ क्षेत्र में बाढ़ का पानी पसर सकता है। इससे लगभग 100 बीघा के दायरे में खेती प्रभावित होने की संभावना है। संवाद
पशुओं के उपचार के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
बाढ़ में पशुओं के उपचार और टीकाकरण को लेकर सदर पशु चिकित्सालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका नंबर 05483564403 है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के पशु पालक अपने मवेशियों के उपचार और टीकाकरण के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
एक नजर में तैयारी....
बाढ़ चौकियां - 160
पशु शिविर संख्या - 35
पशु चिकित्साधिकारियों की तैनाती - 22
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती - 4
पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती - 26
बाढ़ की स्थिति का मापदंड
62.105 मीटर, चेतावनी बिंदु
63.105 मीटर, खतरा बिंदु
65.220 मीटर, उ.बा .स्तर