गाजीपुर। वर्ष 2019 का रिकॉर्ड तोड़कर गंगा के स्थिर होने के 9 दिन बाद जलस्तर घटने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की शाम 5 बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 64.670 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में डेढ़ सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव हो रहा है। वर्ष 2019 में गंगा का जलस्तर 64.530 मीटर था। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 64.680 मीटर है। वर्ष 2021 में भी गंगा का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर था। इस तरह से गंगा का वर्तमान जलस्तर वर्ष 2021 के बराबर पहुंच गया है। अब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो वर्ष 2021 का रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो जाएगा।गंगा का जलस्तर बुधवार को सुबह 9 बजे 64.680 मीटर पर स्थिर हो गया। जबकि 5 जुलाई को शाम 6 बजे गंगा में बढ़ाव का रफ्तार डेढ़ सेमी प्रति घंटे था। गंगा का जलस्तर 64.620 मीटर दर्ज किया गया था। भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर में बाढ़ से बचाने के लिए ठोकर का निर्माण किया गया है। इस बार बाढ़ से तीन ठोकरों के ऊपर बनाई गई रेलिंग टूट गई है। शेरपुर कला गांव में धान, चरी, अरहर, बाजरा, सब्जी की खेती नष्ट हो गई है। बाढ़ के बढ़ते पानी के कारण महेशपुर द्वितीय, नकटीकोन, बढ़नपुरा, रानीपुर को घेरते हुए दोनपाव तक पहुंच गया है।गहमर : वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, रामपुर गांव का संपर्क मार्ग टूटा हुआ है। मुख्य मार्ग पर 5 फीट तक पानी है। 1 हजार बीघा सब्जी व चरी की फसल डूब चुकी है। रेवतीपुर-गहमर बाइपास पर भी 5 फीट तक पानी इकट्ठा है।