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Ghazipur News: हत्या के प्रयास में चार को पांच-पांच साल की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी की अदालत ने भांवरकोल थान क्षेत्र के हत्या के प्रयास मामले में चार अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर कला गांव निवासी कृपा शंकर राय ने करीमुद्दीनपुर थाना में तहरीर दी थी कि 17 अप्रैल 1988 को दिन में 9 बजे उसके पिता कैलाश नाथ राय और दयाशंकर राय गांव के उत्तर स्थित खलियान से घर की ओर आ रहे थे। उसी समय गांव के दयाशंकर, रामदीन राय, रामजी राय, काशीनाथ राय, धनराज राय और कौशल किशोर राय साथ होकर जान से मारने की नियत से एकाएक गालियां देने लगे।
रामजी राय ने उन्हें ललकारा तो इस पर सभी पिता कैलाश राय और दयाशंकर राय को लाठी डंडे से बुरी तरह मारने पीटने लगे जिससे गंभीर चोटें आई। इन्हें मुहम्मदाबाद के अस्पताल में ले जाया गया। जहां से गाजीपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, मामले के विचारण के दौरान आरोपी राम रहीम राय और कौशल किशोर राय की मौत हो गई।
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दयाशंकर राय, रामजी राय, काशीनाथ राय और धर्मराज राय चार अभियुक्तों के विरुद्ध विचारण चला। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव छह गवाह पेश किये। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत में चारों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
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गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी की अदालत ने भांवरकोल थान क्षेत्र के हत्या के प्रयास मामले में चार अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर कला गांव निवासी कृपा शंकर राय ने करीमुद्दीनपुर थाना में तहरीर दी थी कि 17 अप्रैल 1988 को दिन में 9 बजे उसके पिता कैलाश नाथ राय और दयाशंकर राय गांव के उत्तर स्थित खलियान से घर की ओर आ रहे थे। उसी समय गांव के दयाशंकर, रामदीन राय, रामजी राय, काशीनाथ राय, धनराज राय और कौशल किशोर राय साथ होकर जान से मारने की नियत से एकाएक गालियां देने लगे।
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रामजी राय ने उन्हें ललकारा तो इस पर सभी पिता कैलाश राय और दयाशंकर राय को लाठी डंडे से बुरी तरह मारने पीटने लगे जिससे गंभीर चोटें आई। इन्हें मुहम्मदाबाद के अस्पताल में ले जाया गया। जहां से गाजीपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, मामले के विचारण के दौरान आरोपी राम रहीम राय और कौशल किशोर राय की मौत हो गई।
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दयाशंकर राय, रामजी राय, काशीनाथ राय और धर्मराज राय चार अभियुक्तों के विरुद्ध विचारण चला। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव छह गवाह पेश किये। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत में चारों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।