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एक साथ्ा जलीं चार की चिताएं
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:36 AM IST
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एक साथ्ा जलीं चार की चिताएं
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कानपुर रेल दुर्घटना में मृत करंडा के ब्राह्मणपुरा निवासी स्व. शिवलाल वर्मा के परिवार के चारों सदस्यों का शव मंगलवार की सुबह उनके आवास पर आते ही कोहराम मच गया। एक तरफ जहां परिवार के लोगों की चीख शांत फिजां में गूंजने लगी, वहीं उनका दर्द देख गांववासियों के आंखों से भी दर्द के आंसू छलक पड़े। चोचकपुर कैनाल घाट पर चारों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृत दादी, मां, चाचा और छोटी बहन को बीस वर्षीय मनीष वर्मा ने आंखों से नीर बहाते हुए कंपकंपाते हुए हाथों से मुखाग्नि दिया।
रविवार की भोर में कानपुर में रेल दुर्घटना में करंडा के ब्राह्मणुरा निवासी वर्मा परिवार की कौशल्या देवी, उसका पुत्र राकेश वर्मा, राकेश की भाभी हेमवंती और भतीजी पूजा की मौत हो गई थी। मौत की खबर आते ही एक तरफ जहां परिवार में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरा गांव दर्द की दरियां में डूब गया।
दिन में करीब 11 बजे जैसे ही चारों लोगों का शव आया तो लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी। आलम यह था कि लोगों को ढांढस बंधाने वाले वालों की आंखों से खुद दर्द का आंसू बहने लग रहा था। चोचकपुर कैनाल घाट पर एक ही चिता पर चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मनीष वर्मा ने दी। शव यात्रा में कांग्रेस नेता पंकज दूबे, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र यादव, राजकुमार गौतम, बब्बल यादव, प्रधान रामबचन यादव, प्रधान मोती यादव, प्रधान रामदास यादव, आरएसएस के राजेश मिश्रा, नंदकिशोर सिंह, भाजपा के पवंजय पांडेय, अमरेश सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
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रविवार की भोर में कानपुर में रेल दुर्घटना में करंडा के ब्राह्मणुरा निवासी वर्मा परिवार की कौशल्या देवी, उसका पुत्र राकेश वर्मा, राकेश की भाभी हेमवंती और भतीजी पूजा की मौत हो गई थी। मौत की खबर आते ही एक तरफ जहां परिवार में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरा गांव दर्द की दरियां में डूब गया।
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दिन में करीब 11 बजे जैसे ही चारों लोगों का शव आया तो लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी। आलम यह था कि लोगों को ढांढस बंधाने वाले वालों की आंखों से खुद दर्द का आंसू बहने लग रहा था। चोचकपुर कैनाल घाट पर एक ही चिता पर चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मनीष वर्मा ने दी। शव यात्रा में कांग्रेस नेता पंकज दूबे, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र यादव, राजकुमार गौतम, बब्बल यादव, प्रधान रामबचन यादव, प्रधान मोती यादव, प्रधान रामदास यादव, आरएसएस के राजेश मिश्रा, नंदकिशोर सिंह, भाजपा के पवंजय पांडेय, अमरेश सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
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