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Ghazipur News: प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराकर पास कराने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
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गाजीपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराकर पास कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंड़ाफोड़ हुआ है। पुलिस और स्वाट टीम ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अभी चार फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। एसपी डॉ. ईरज राजा के मुताबिक इलाहाबाद हाइकोर्ट के ग्रुप सी और ग्रुप डी संवर्ग भर्ती की परीक्षा में भी गिरोह सक्रिय रहा। लेकिन, परीक्षा के पहले ही गोपनीय इनपुट के आधार पुलिस ने इसे नाकाम कर दिया।
एसपी ने बताया कि प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों गिरफ्तार किया गया है। इनमें बिरनाे थाना क्षेत्र के श्रवण कुमार, मरदानपुर लक्ष्मन वाजिदपुर के श्रवण यादव, मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के हरिबल्लभपुर निवासी सर्वजीत सिंह और सारंगपुर थाना कोचस जिला रोहतास सासाराम बिहार निवासी पंकज कुमार राय शामिल है।
गिरोह का सरगना श्रवण कुमार है, जिसपर आजमगढ और गाजीपुर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। सभी आरोपियों को राय कालोनी में स्थिति एक के मकान से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ से आरोपियों ने पुुलिस को बताया कि वे सार्वजनिक परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को फर्जी तरीके से इलेक्ट्रानिक उपकरण, डिवाइश का प्रयोग करते हुए पास करा देते थे।
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परीक्षार्थियों को पास कराने की अवधि में मूल अंकपत्र , ब्लैंक चेक, ब्लैक स्टाम्प पेपर, आधार कार्ड ले लेते। फोटो व नाम परिवर्तित कर फर्जी आधार कार्ड व किसी भी स्कूल का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से कूटरचित मुहर के माध्यम से तैयार कर प्रमाणित कर लेते। परीक्षार्थियों के पास करने के बाद उनके प्रमाण पत्रों को पूर्व निर्धारित दस लाख रुपये लेने के बाद वापस करते हैं।
कान में लगवाते थे बग ब्लूटूथ, मैगनेट का सहारा लेने के बाद निकालते थे बाहर
गाजीपुर। नकल कराने वाला गिरोह हाइटेक डिवाइस उपयोग करता था। वह परीक्षार्थी के कान में बग ब्लूटूथ छोटा सा सेट कराते थे, जिसे कान के अंदर से निकालने के लिए मैगनेट का सहारा लेना पड़ता है। अभियुक्त पेपर आउट कराने के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिवाइस का सहारा लेते हुए परीक्षार्थियों को नकल कराते थे।
एसपी डा. ईरज राजा ने बताया कि गिरफ्तार हुए पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिवाइस का सहारा लेकर फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। इसकी जांच की जा रही है। इसके पास से 3 वाई फाई राउटर, सिम डिवाइस 20 स्किन कलर (नैनो सिम), सिम डिवाइस 5 टेप लगा हुआ (छोटा व बड़ा सिम), 3 वाकी टॉकी, 19 छोटा ब्लूटूथ सेल, कान के लिए बग ब्लूटूथ छोटा 13 और चार्जर, सिम फ्रेम 6, कान से बग निकालने के लिए 1 मैगनेट, एक एचएचएमडी (सुपर स्कैनर), वाईफाई राउटर, 10 फर्जी मुहर, 7 मोबाइल आदि बरामद हुआ है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सेटिंग होने के बाद परीक्षार्थी को कान में बहुत छोटे आकार का बग ब्लूटूथ सेट करवाते थे। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर वाईफाई से लिंक करने के लिए नैनो सिम लगाकर एक डिवाइस देकर उसे ब्लूटूथ से कनेक्ट कर देते और परीक्षा केंद्र में पकड़े न जाए और परीक्षार्थियों को विश्वास में लेने के लिए एचएचएमडी (सुपर स्कैनर) से खुद जांच करते थे। जब कहीं से पकड़ में नहीं आता तब परीक्षार्थी को भेजते थे। सेटिंग करते हुए पेपर लिंक कराते और उसे वाकी टाकी के माध्यम से परीक्षार्थी तक उत्तर बताते थे।
15 से अधिक परीक्षार्थियों को पास कराने की थी तैयारी
गाजीपुर। पुलिस और स्वॉट टीम ने आरोपियों के पास से 15 परीक्षार्थियों के मूल प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक इन परीक्षार्थियों से दस-दस लाख रुपये की डील हुई थी। परीक्षार्थियों को पास कराने की अवधि में मूल अंकपत्र , ब्लैंक चेक, ब्लैक स्टाम्प पेपर, आधार कार्ड ले ले लिए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय और स्वाट प्रभारी प्रमोद कुमार की अगुवाई में टीम ने अभियुक्तों के पास से परीक्षार्थियों के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र, ब्लैंक हस्ताक्षरित चेक, ब्लैंक हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर भी बरामद किया है।
इन लोगों के प्रमाणपत्र मिले
रजनीश प्रताप पुत्र अवधेश कुमार, अमित यादव पुत्र अशोक यादव, अनिता यादव पुत्री राज कुमार यादव, मनीष कुमार पुत्र विक्रमाराम, मो. सदरे आलम पुत्र मो. जलालुद्दीन, कुसुम यादव पुत्री सत्य नारायण यादव, प्रिंस कुमार पुत्र छोटेलाल राम, चंदन सिंह यादव पुत्र राम आधार सिंह यादव,जय प्रकाश यादव पुत्र रामचरन यादव, सुषमा यादव पुत्री सुबच्चन यादव, धर्मेंद्र यादव पुत्र दिनेश्वर यादव, विवेक कुमार दुबे पुत्र प्रहलाद दुबे, विजय कुमार सिंह पुत्र तहसीलदार सिंह, अभिषेक सिंह पुत्र अरविंद सिंह, शिवम यादव पुत्र प्रभात कुमार यादव आदि का प्रमाण पत्र, कूटरचित चार आधार कार्ड आदि बरामद हुआ है।
बीपीएससी में पास हो चुका सर्वर्जीत, बाकी तीनों आरोपी कर रहे थे शिक्षक भर्ती की तैयारी
गाजीपुर। नकल कराने वाले गिरोह के गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पढ़े हैं। एसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सर्वजीत सिंह हाल ही में बीपीएससी में पास हुआ था। हालांकि अभी ज्वाइनिंग नहीं हुई है। जबकि मुख्य आरोपी श्रवण कुमार बीएड तो श्रवण यादव एमएड और पंकज कुमार राय बीएड पास है। तीनों अभियुक्त अभी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
परीक्षा के दौैरान संदिग्ध हालत में पकड़ गया परीक्षार्थी, केस
गाजीपुर। इलाहाबाद हाइकोर्ट ग्रुप सी और ग्रुप डी संवर्ग की भर्ती के दौरान एक परीक्षार्थी संदिग्ध हालत में पकड़ा गया है, जिसके खिलाफ शहर कोतवाली में सोमवार की रात मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एमएएच इंटर काॅलेज में पांच जनवरी को द्वितीय पाली में हुए परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उप केंद्र व्यवस्थापक शम्स तबरेज खान की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के मुताबिक अभ्यर्थी रवींद्र कुमार सिंह ग्राम व पोस्ट छाप जिला मुजफ्फरपुर प्रांत बिहार विद्यालय में परीक्षा देने आया। आरोप है कि अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी की है। हालांकि अभ्यर्थी से लिखवाकर लिया गया और फिर परीक्षा में सम्मिलित कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी ने बताया कि प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों गिरफ्तार किया गया है। इनमें बिरनाे थाना क्षेत्र के श्रवण कुमार, मरदानपुर लक्ष्मन वाजिदपुर के श्रवण यादव, मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के हरिबल्लभपुर निवासी सर्वजीत सिंह और सारंगपुर थाना कोचस जिला रोहतास सासाराम बिहार निवासी पंकज कुमार राय शामिल है।
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गिरोह का सरगना श्रवण कुमार है, जिसपर आजमगढ और गाजीपुर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। सभी आरोपियों को राय कालोनी में स्थिति एक के मकान से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ से आरोपियों ने पुुलिस को बताया कि वे सार्वजनिक परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को फर्जी तरीके से इलेक्ट्रानिक उपकरण, डिवाइश का प्रयोग करते हुए पास करा देते थे।
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परीक्षार्थियों को पास कराने की अवधि में मूल अंकपत्र , ब्लैंक चेक, ब्लैक स्टाम्प पेपर, आधार कार्ड ले लेते। फोटो व नाम परिवर्तित कर फर्जी आधार कार्ड व किसी भी स्कूल का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से कूटरचित मुहर के माध्यम से तैयार कर प्रमाणित कर लेते। परीक्षार्थियों के पास करने के बाद उनके प्रमाण पत्रों को पूर्व निर्धारित दस लाख रुपये लेने के बाद वापस करते हैं।
कान में लगवाते थे बग ब्लूटूथ, मैगनेट का सहारा लेने के बाद निकालते थे बाहर
गाजीपुर। नकल कराने वाला गिरोह हाइटेक डिवाइस उपयोग करता था। वह परीक्षार्थी के कान में बग ब्लूटूथ छोटा सा सेट कराते थे, जिसे कान के अंदर से निकालने के लिए मैगनेट का सहारा लेना पड़ता है। अभियुक्त पेपर आउट कराने के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिवाइस का सहारा लेते हुए परीक्षार्थियों को नकल कराते थे।
एसपी डा. ईरज राजा ने बताया कि गिरफ्तार हुए पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिवाइस का सहारा लेकर फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। इसकी जांच की जा रही है। इसके पास से 3 वाई फाई राउटर, सिम डिवाइस 20 स्किन कलर (नैनो सिम), सिम डिवाइस 5 टेप लगा हुआ (छोटा व बड़ा सिम), 3 वाकी टॉकी, 19 छोटा ब्लूटूथ सेल, कान के लिए बग ब्लूटूथ छोटा 13 और चार्जर, सिम फ्रेम 6, कान से बग निकालने के लिए 1 मैगनेट, एक एचएचएमडी (सुपर स्कैनर), वाईफाई राउटर, 10 फर्जी मुहर, 7 मोबाइल आदि बरामद हुआ है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सेटिंग होने के बाद परीक्षार्थी को कान में बहुत छोटे आकार का बग ब्लूटूथ सेट करवाते थे। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर वाईफाई से लिंक करने के लिए नैनो सिम लगाकर एक डिवाइस देकर उसे ब्लूटूथ से कनेक्ट कर देते और परीक्षा केंद्र में पकड़े न जाए और परीक्षार्थियों को विश्वास में लेने के लिए एचएचएमडी (सुपर स्कैनर) से खुद जांच करते थे। जब कहीं से पकड़ में नहीं आता तब परीक्षार्थी को भेजते थे। सेटिंग करते हुए पेपर लिंक कराते और उसे वाकी टाकी के माध्यम से परीक्षार्थी तक उत्तर बताते थे।
15 से अधिक परीक्षार्थियों को पास कराने की थी तैयारी
गाजीपुर। पुलिस और स्वॉट टीम ने आरोपियों के पास से 15 परीक्षार्थियों के मूल प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक इन परीक्षार्थियों से दस-दस लाख रुपये की डील हुई थी। परीक्षार्थियों को पास कराने की अवधि में मूल अंकपत्र , ब्लैंक चेक, ब्लैक स्टाम्प पेपर, आधार कार्ड ले ले लिए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय और स्वाट प्रभारी प्रमोद कुमार की अगुवाई में टीम ने अभियुक्तों के पास से परीक्षार्थियों के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र, ब्लैंक हस्ताक्षरित चेक, ब्लैंक हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर भी बरामद किया है।
इन लोगों के प्रमाणपत्र मिले
रजनीश प्रताप पुत्र अवधेश कुमार, अमित यादव पुत्र अशोक यादव, अनिता यादव पुत्री राज कुमार यादव, मनीष कुमार पुत्र विक्रमाराम, मो. सदरे आलम पुत्र मो. जलालुद्दीन, कुसुम यादव पुत्री सत्य नारायण यादव, प्रिंस कुमार पुत्र छोटेलाल राम, चंदन सिंह यादव पुत्र राम आधार सिंह यादव,जय प्रकाश यादव पुत्र रामचरन यादव, सुषमा यादव पुत्री सुबच्चन यादव, धर्मेंद्र यादव पुत्र दिनेश्वर यादव, विवेक कुमार दुबे पुत्र प्रहलाद दुबे, विजय कुमार सिंह पुत्र तहसीलदार सिंह, अभिषेक सिंह पुत्र अरविंद सिंह, शिवम यादव पुत्र प्रभात कुमार यादव आदि का प्रमाण पत्र, कूटरचित चार आधार कार्ड आदि बरामद हुआ है।
बीपीएससी में पास हो चुका सर्वर्जीत, बाकी तीनों आरोपी कर रहे थे शिक्षक भर्ती की तैयारी
गाजीपुर। नकल कराने वाले गिरोह के गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पढ़े हैं। एसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सर्वजीत सिंह हाल ही में बीपीएससी में पास हुआ था। हालांकि अभी ज्वाइनिंग नहीं हुई है। जबकि मुख्य आरोपी श्रवण कुमार बीएड तो श्रवण यादव एमएड और पंकज कुमार राय बीएड पास है। तीनों अभियुक्त अभी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
परीक्षा के दौैरान संदिग्ध हालत में पकड़ गया परीक्षार्थी, केस
गाजीपुर। इलाहाबाद हाइकोर्ट ग्रुप सी और ग्रुप डी संवर्ग की भर्ती के दौरान एक परीक्षार्थी संदिग्ध हालत में पकड़ा गया है, जिसके खिलाफ शहर कोतवाली में सोमवार की रात मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एमएएच इंटर काॅलेज में पांच जनवरी को द्वितीय पाली में हुए परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उप केंद्र व्यवस्थापक शम्स तबरेज खान की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के मुताबिक अभ्यर्थी रवींद्र कुमार सिंह ग्राम व पोस्ट छाप जिला मुजफ्फरपुर प्रांत बिहार विद्यालय में परीक्षा देने आया। आरोप है कि अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी की है। हालांकि अभ्यर्थी से लिखवाकर लिया गया और फिर परीक्षा में सम्मिलित कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।