{"_id":"68b35138aba2e92a1809bf1c","slug":"flood-affected-people-should-not-face-any-problem-chief-minister-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-138334-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ प्रभावित लोगों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ प्रभावित लोगों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री
विज्ञापन
गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोमती नदी के बाढ़ से प्रभावित गौरहट व तेतारपुर गांव का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उनका उड़नखटोला दो बार गौरहट व तेतारपुर गांव के ऊपर से गुजरा।बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाए। प्रशासनिक अमला सतत निगरानी में रहे। शरणालयों में रहने वाले लोगों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है। आपदा की इस घड़ी में किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। मवेशियों के चारे, पीने के पानी की शुद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। बाढ़ग्रस्त गांवों में दवाओं, एंटी स्नेक वैनम और एंटी रेबीज टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।राहत की बात यह है कि गंगा का जलस्तर घटने लगा है। 30 अगस्त को सुबह 9 बजे से गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर 63.820 मीटर दर्ज किया गया। एक ओर गंगा का जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है, लेकिन दूसरी तरफ बाढ़ प्रभावित इलाकों में तमाम तरह की दुश्वारियां बरकरार हैं। जनपद में 750 बीघा से अधिक खेत जलमग्न है। इसमें 300 बीघा खेत फसल वाली है। धान, चरी, कड़बा, सब्जी, मक्का की फसल को विशेष रूप से नुकसान पहुंचा है। 16 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। खानपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र के बाढ़ से चारों तरफ से घिरे गांव गौरहट और तेतारपुर का हवाई सर्वेक्षण किया। वाराणसी के पुलिस लाइन से हेलिकाॅप्टर से करीब साढ़े नौ बजे चलकर बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरे गौरहट और तेतारपुर का दो राउंड हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के बाद वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बाढ़ शरणालय केंद्र जसवंत राय इंटर कॉलेज गोरखा के परिसर में अस्थाई हेलीपैड बनवाया। मुख्यमंत्री के आने की सूचना से अधिकारियों में खलबली मच गई। सुरक्षा तंत्र से लेकर प्रशासनिक तंत्र तक पूरी तरह सक्रिय रहा। डीएम अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, उप जिलाधिकारी सैदपुर पुष्पेंद्र सिंह पटेल, सीओ सैदपुर अनिल कुमार कुमार मौके पर डटे रहे। जब मुख्यमंत्री का उड़नखटोला के लखनऊ लौटने की सूचना मिली तो डीएम-एसपी जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। औड़िहार : क्षेत्र के पटना, शादीभादी, औड़िहार, जौहरगंज, फुलवारी कला, फुलवारी खुर्द, देवचंदपुर, चकेरी, गोपालपुर, हथौड़ी आदि गांवों में 250 बीघा खाली खेत में पानी पसरा हुआ है। 100 बीघा धान, चरी, कड़वा आदि की फसल जलमग्न है। पशु पालकों के समक्ष पशुओं को खिलाने के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है।
दो नावों के सहारे पांच हजार की आबादी का आवागमन-गहमर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से मेडिकल कैंप अब तक नहीं लगाया गया है। इससे गर्भवती महिलाओं को दवा वगैरह के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पशु पालक चारे के लिए परेशान हैं। वीरऊपुर व हसनपुरा गांव में प्रशासन की ओर से लगाए गए दो नावों के सहारे पांच हजार की आबादी आवागमन कर रही है। वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, नगदीलपुर, अठहठा, रामपुर, कल्याणपुर आदि गांव प्रभावित है। इन गांवों की आबादी करीब 16 हजार है। वहीं कर्मनाशा नदी का जलस्तर स्थिर है। भतौरा गांव के संपर्क मार्ग पर 200 मीटर के दायरे में पांच फीट तक पानी पसरा हुआ है। भतौरा, देवल, कुतुबपुर, मगरखाई, सायर आदि गांव प्रभावित हैं। धान, सब्जी, मक्का की 200 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है।
किसानों का दर्द....लाखों रुपये का हुआ नुकसान-गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर के सातों पुरवा समेत धर्मपुरा, फिरोजपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। किसानों ने बताया कि मिर्च, टमाटर की फसल जलमग्न होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सियाड़ी, महेंद, सोनवानी समेत दर्जनों गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो नावों के सहारे पांच हजार की आबादी का आवागमन-गहमर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से मेडिकल कैंप अब तक नहीं लगाया गया है। इससे गर्भवती महिलाओं को दवा वगैरह के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पशु पालक चारे के लिए परेशान हैं। वीरऊपुर व हसनपुरा गांव में प्रशासन की ओर से लगाए गए दो नावों के सहारे पांच हजार की आबादी आवागमन कर रही है। वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, नगदीलपुर, अठहठा, रामपुर, कल्याणपुर आदि गांव प्रभावित है। इन गांवों की आबादी करीब 16 हजार है। वहीं कर्मनाशा नदी का जलस्तर स्थिर है। भतौरा गांव के संपर्क मार्ग पर 200 मीटर के दायरे में पांच फीट तक पानी पसरा हुआ है। भतौरा, देवल, कुतुबपुर, मगरखाई, सायर आदि गांव प्रभावित हैं। धान, सब्जी, मक्का की 200 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है।
विज्ञापन
किसानों का दर्द....लाखों रुपये का हुआ नुकसान-गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर के सातों पुरवा समेत धर्मपुरा, फिरोजपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। किसानों ने बताया कि मिर्च, टमाटर की फसल जलमग्न होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सियाड़ी, महेंद, सोनवानी समेत दर्जनों गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा है।
विज्ञापन