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Ghazipur News: पुलिस का खौफ या मजबूरी, चार दिन बाद भी न तहरीर और न ही कार्रवाई
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किसी न किसी कारण से चर्चा में रहने वाला वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर मीरजापुर टोल अब फिर सुर्खियों में आ गया है। पत्रकार के साथ मारपीट के बाद नया मामला तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि सादे वर्दी में एक वाहन से आए खुद को पुलिस कर्मी बताने वालों को रोकना भारी पड़ गया। उलटे खुद को पुलिस कर्मी बताने वालों ने एक टोल कर्मी की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय दो टोल कर्मियों को क्रमशः 10 और 17 घंटे तक पूछताछ के नाम पर थाने बैठाने के बाद छोड़ा। इनमें एक की 12 फरवरी को शादी है। हालांकि अभी तक इस मामले में न कोई कार्रवाई हुई है और न ही कोई तहरीर पड़ी।
आरोप है कि बीते बुधवार की रात एक वाहन से पहुंचे तीन लोग खुद को पुलिस बता रहे थे। वह सादे वर्दी में थे। टोल कर्मी गोविंद यादव ने उन्हें नियम और इंट्री कराने को कहा। साथ ही पास जारी किए गए दूसरे गाड़ी को जाने दिया। इससे नाराज पहली गाड़ी के कर्मचारी उतरकर उसे पीटने लगे। आरोप है कि पुलिस उसे अपने साथ लेकर गई। आरोप है मामले की जांच के सिलसिले में पहुंची पुलिस ने टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी
पुलिस पूरे मामले को एकतरफा कार्रवाई कर रही है। आरोप है कि टोल इंचार्ज संतोष सिंह को भी अपने साथ लेकर गए और अगले दिन सुबह सात बजे छोड़े। जबकि सादे वर्दी में पुलिस कर्मी बताने वालों के हाथों पिटाई खाने वाले गोविंद को रात में नौ बजे से लेकर अगले दिन दोपहर दो बजे छोड़़े। हालांकि, वह खुद की 12 फरवरी को शादी तय होने के कारण डर के कारण आगे की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है लेकिन लोगों से अपनी पीड़ा सुना रहा है। दूसरी ओर इस संंबंध में पूछने पर बिरनो थानाध्यक्ष बिंद कुमार का कहना है कि यह सब आरोपी झूठा है। हमने तो एक पत्रकार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमें में पूछताछ के लिए बुलाया था और छोड़ दिया था। हालांकि टोल विवाद को लेकर शिकायतें भी आ रही है, जिसे लेकर मैंने कर्मचारियों के आईकार्ड और शिफ्टवार ड्यूटी किसकी लगाई जा रही है की जानकारी पूछताछ के दौरान देने को कहा था, जो वे नहीं दिए, बल्कि दबाव बनाने के लिए ऐसा आरोप लगा रहे होंगे।
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आरोप है कि बीते बुधवार की रात एक वाहन से पहुंचे तीन लोग खुद को पुलिस बता रहे थे। वह सादे वर्दी में थे। टोल कर्मी गोविंद यादव ने उन्हें नियम और इंट्री कराने को कहा। साथ ही पास जारी किए गए दूसरे गाड़ी को जाने दिया। इससे नाराज पहली गाड़ी के कर्मचारी उतरकर उसे पीटने लगे। आरोप है कि पुलिस उसे अपने साथ लेकर गई। आरोप है मामले की जांच के सिलसिले में पहुंची पुलिस ने टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी
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पुलिस पूरे मामले को एकतरफा कार्रवाई कर रही है। आरोप है कि टोल इंचार्ज संतोष सिंह को भी अपने साथ लेकर गए और अगले दिन सुबह सात बजे छोड़े। जबकि सादे वर्दी में पुलिस कर्मी बताने वालों के हाथों पिटाई खाने वाले गोविंद को रात में नौ बजे से लेकर अगले दिन दोपहर दो बजे छोड़़े। हालांकि, वह खुद की 12 फरवरी को शादी तय होने के कारण डर के कारण आगे की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है लेकिन लोगों से अपनी पीड़ा सुना रहा है। दूसरी ओर इस संंबंध में पूछने पर बिरनो थानाध्यक्ष बिंद कुमार का कहना है कि यह सब आरोपी झूठा है। हमने तो एक पत्रकार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमें में पूछताछ के लिए बुलाया था और छोड़ दिया था। हालांकि टोल विवाद को लेकर शिकायतें भी आ रही है, जिसे लेकर मैंने कर्मचारियों के आईकार्ड और शिफ्टवार ड्यूटी किसकी लगाई जा रही है की जानकारी पूछताछ के दौरान देने को कहा था, जो वे नहीं दिए, बल्कि दबाव बनाने के लिए ऐसा आरोप लगा रहे होंगे।
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