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मोक्षदायनी गंगा में बढ़ाव का क्रम जारी
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गाजीपुर। मोक्षदायनी गंगा में बढ़ाव का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। गंगा की रफ्तार अब भी लगभग डेढ़ घंटे प्रति सेंटीमीटर बनी हुई हैं। शाम को चार बजे गंगा का जलस्तर 55.560 पर पहुंच गया था। देखा जाए तो गंगा के साथ ही मगई, गोमती और गांगी नदी में भी धीमी गति से बढ़ाव का क्रम जारी है। मुहम्मदाबाद के शेरपुर सेमरा में बाढ़ के मद़्देनजर अधिकारियों की आवाजाही और निरीक्षण का कार्य तेज हो गया। वहां ठोकर मरम्मत का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। जिले के पांच तहसीलों के करीब सात सौ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आते है। जिले के गंगा का खतरा बिंदु 63.105 मीटर है।
गंगा में बाढ़ का असर इसकी सहायक नदियों पर भी पड़ता है। सहायक नदियों में गोमती, टोंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, गांगी, भैसहीं, उदंती आदि शामिल हैं। लगातार बरसात के बाद इन सभी के जलस्तर में हल्की, फुल्की तेजी दिखाई दे रही है। मोहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में लोग सहमे हुए हैं। इस इलाके में बाढ़ की वजह से नुकसान होता है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है लेकिन इधर हो रही बरसात और गंगा के बढ़ाव ने थोड़ी मुश्किल बढ़ा दिया है। औड़िहार संवाददाता के अनुसार उधर पहाड़ी क्षेत्रों में अनवरत वर्षा के चलते यहां गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है। गोमती भी उठान पर हैं केंद्रीय जल आयोग के हसनैन के अनुसार अभी जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। अभी नदी अभी खतरे के निशान से काफी दूर हैं।
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गंगा में बाढ़ का असर इसकी सहायक नदियों पर भी पड़ता है। सहायक नदियों में गोमती, टोंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, गांगी, भैसहीं, उदंती आदि शामिल हैं। लगातार बरसात के बाद इन सभी के जलस्तर में हल्की, फुल्की तेजी दिखाई दे रही है। मोहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में लोग सहमे हुए हैं। इस इलाके में बाढ़ की वजह से नुकसान होता है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है लेकिन इधर हो रही बरसात और गंगा के बढ़ाव ने थोड़ी मुश्किल बढ़ा दिया है। औड़िहार संवाददाता के अनुसार उधर पहाड़ी क्षेत्रों में अनवरत वर्षा के चलते यहां गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है। गोमती भी उठान पर हैं केंद्रीय जल आयोग के हसनैन के अनुसार अभी जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। अभी नदी अभी खतरे के निशान से काफी दूर हैं।
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