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जहूराबाद को छोड़कर जिले की सभी सीटों पर जनता पार्टी ने लहराया था परचम...

Wed, 12 Jan 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:51 PM IST
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Except for Zahoorabad, the Janata Party had waved the flag on all the seats of the district.
वर्ष 1977 में पूरे देश में जनता पार्टी की लहर चल रही थी। इमरजेंसी के कारण कांग्रेस के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा था। पूरे प्रदेश में कांग्रेस और भाकपा का गठबंधन जनता पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था। उस समय जिले के जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के गठबंधन से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीतकर जयराम सिंह ने सभी को चौंका दिया था। वह आज हम लोगों के बीच नहीं हैं लेकिन गरीबों, मजलूमों की लड़ाई जीवन भर लड़ते हुए वह हमेशा सुर्खियों में रहे।
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वर्ष 1977 में जब उनको सरजू पांडेय ने भाकपा का उम्मीदवार घोषित किया तो चुनाव लड़ने के लिए उनके पास लोगों का जनसमर्थन तो था लेकिन धन का काफी अभाव था। उन्होंने साइकिल से पूरे विधानसभा क्षेत्र में प्रचार किया और जनता पार्टी के उम्मीदवार बाराचवर गांव निवासी विश्वनाथ सिंह को मामूली मतों से हराकर विधायक बनने में सफल रहे। उस समय जहूराबाद को छोड़कर जिले की सभी सीटों पर जनता पार्टी का परचम लहराया था। जनता पार्टी के उम्मीदवार विश्वनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री और तत्कालीन जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर के सहपाठी थे और उनके काफी करीबी होने के नाते यह सीट जिले में काफी चर्चा में रही। पूर्व विधायक जयराम सिंह संघर्षों के लिए सरजू पांडेय के बाद क्षेत्र में जाने जाते थे। वह 1962 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। वर्ष 1977 में जहूराबाद से विधायक निर्वाचित हुए, उनका कार्यकाल 1980 तक रहा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल के सदस्य के साथ अखिल भारतीय किसान सभा के संरक्षक के पद पर थे। पार्टी के लिए समर्पित जयराम सिंह ने 1970 के भूमि आंदोलन के दौरान बोगना ताल की भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया था। इसी प्रकार बाराचवर विकासखंड के खारा बरेजी गांव में भी भूमि आंदोलन चलाकर भूमि आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह आजीवन अविवाहित रहे। वह अपने ग्राम पंचायत खजूरगांव के लंबे समय तक प्रधान भी रहे। उनका निधन 84 वर्ष की अवस्था में 24 सितंबर 2017 को हुआ था।
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