रोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ चुका है। आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की क्रियाशिलता को परखने के लिए मंगलवार को जिला अस्पताल सहित सीएचसी पर मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान जहां ऑक्सीजन के लगे प्लांट, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा की उपलब्धता और स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य करने की क्षमता का आंकलन किया गया। जिला अस्पताल में सुबह 11 बजे से मॉकड्रिल शुरू हुआ। सीएमएस डा. राजेश सिंह के नेतृत्व में डा. मृत्युंजय सिंह, डा. केएन चौधरी, डा. नारायण पांडेय और डब्लूएचओ के अधिकारी ने पहुंचकर सबसे पहले परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के काम करने और सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई और पाइप लाइन को देखा। साथ ही वहां तैनात टेक्निकल कर्मी से जानकारी भी हासिल की। इसके अलावा बेड की उपलब्धता के साथ वेंटिलेटर के कार्य करने के तौर-तरीके को भी जाना गया। साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर के बारे में जानकारी ली गई। सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान पूर्वाभ्यास करने के साथ अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को देखा गया। सेवराई : एसीएमओ डा. मनोज कुमार ने भदौरा सीएचसी पर मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, बेड, ओटी रूम एवं अन्य मशीनों की जांच पड़ताल की। एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. धनंजय आनंद से अस्पताल की अन्य जानकारी ली। वहीं, मनिहारी, सैदपुर और मुहम्मदाबाद सीएचसी पर मॉकड्रिल का आयोजन हुआ। जहां पूर्वाभ्यास कर व्यवस्थाओं को परखने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया।