{"_id":"6a2c5320c7310ec69405af94","slug":"embankments-in-gahmar-and-surha-will-be-strengthened-to-protect-against-erosion-caused-by-the-ganga-and-karmanasha-rivers-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-154077-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: गंगा और कर्मनाशा के कटान से बचाव के लिए गहमर और सुरहां में तट होंगे मजबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: गंगा और कर्मनाशा के कटान से बचाव के लिए गहमर और सुरहां में तट होंगे मजबूत
विज्ञापन
गाजीपुर। सेवराईं तहसील के गंगा और कर्मनाशा नदी से प्रभावित गांवों को कटान की समस्या से राहत दिलाने के लिए शासन ने 1.29 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है। नाबार्ड पोषित योजना के तहत गहमर और सुरहां गांव में क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जाएगा। ताकि तटों को मजूबत किया जा सके। इसके लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को अलग-अलग शासनादेश जारी कर दिए गए हैं।
गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित गहमर गांव के पूर्वी और पश्चिमी पंप कैनाल क्षेत्र में लगातार हो रहे कटान को रोकने के लिए 92.62 लाख रुपये मिले हैं। इस क्षेत्र में नदी के तेज बहाव से पंप कैनाल और आसपास की भूमि पर खतरा बना हुआ था। अब बोल्डर पिचिंग के माध्यम से तट को मजबूत किया जाएगा।
वहीं कर्मनाशा नदी के बाएं तट पर स्थित सुरहां गांव में कटान रोकने के लिए 36.80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस धनराशि से क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग का निर्माण कराया जाएगा। इससे मानसून और बाढ़ के दौरान नदी के कटाव से गांव की आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षा मिलेगी।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव सिद्धा शरण पाण्डेय ने पांच और छह जून को जारी अलग-अलग शासनादेशों में प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है कि कार्य निर्धारित मानकों और वित्तीय नियमों के अनुरूप कराया जाए। परियोजना की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ये होता है क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग
क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग को गैबियन पिचिंग भी कहते हैं। इसके तहत नदी के किनारों, बांधों, नहरों और पुलों के तटबंधों को पानी के बहाव से होने वाले कटान से बचाने के लिए किया जाता है। इसमें पत्थरों को लोहे की जाली के अंदर कसकर बांधा जाता है और ढलान पर बिछाया जाता है।
शासन से गंगा और कर्मनाशा नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए 1.29 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। स्वीकृत परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।-सीमंत अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित गहमर गांव के पूर्वी और पश्चिमी पंप कैनाल क्षेत्र में लगातार हो रहे कटान को रोकने के लिए 92.62 लाख रुपये मिले हैं। इस क्षेत्र में नदी के तेज बहाव से पंप कैनाल और आसपास की भूमि पर खतरा बना हुआ था। अब बोल्डर पिचिंग के माध्यम से तट को मजबूत किया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं कर्मनाशा नदी के बाएं तट पर स्थित सुरहां गांव में कटान रोकने के लिए 36.80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस धनराशि से क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग का निर्माण कराया जाएगा। इससे मानसून और बाढ़ के दौरान नदी के कटाव से गांव की आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षा मिलेगी।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव सिद्धा शरण पाण्डेय ने पांच और छह जून को जारी अलग-अलग शासनादेशों में प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है कि कार्य निर्धारित मानकों और वित्तीय नियमों के अनुरूप कराया जाए। परियोजना की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ये होता है क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग
क्रेटेड स्टोन बोल्डर पिचिंग को गैबियन पिचिंग भी कहते हैं। इसके तहत नदी के किनारों, बांधों, नहरों और पुलों के तटबंधों को पानी के बहाव से होने वाले कटान से बचाने के लिए किया जाता है। इसमें पत्थरों को लोहे की जाली के अंदर कसकर बांधा जाता है और ढलान पर बिछाया जाता है।
शासन से गंगा और कर्मनाशा नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए 1.29 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। स्वीकृत परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।-सीमंत अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग।