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Ghazipur News: चार एबुलेंस में रखी गईं आठ लाशें, दो गठरियों में एक साथ पिता-पुत्री का रखा गया था शव

Sun, 02 Feb 2025 12:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:07 AM IST
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Eight dead bodies were kept in four ambulances, bodies of father and daughter were kept together in two bundles.
वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन पर नंदगंज थानाक्षेत्र के रेवसा गांव के पास सड़क हादसे में हताहत श्रद्धालुओं के परिजन रात में ही छह गाड़ियों से पहुंच गए। रात 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद चार एबुलेंस से परिजन शवों को लेकर रवाना हुए। शवों की हालत ऐसी थी कि पिता-पुत्री के लाश को गठरी में बांधकर एक एंबुलेंस में रखा गया था। इसी तरह अन्य शवों को तीन एबुलेंस में रखा गया, जिसके साथ परिवार, परिजन और जिले की पुलिस गोरखपुर जिले के बांसगांव थानाक्षेत्र के हरदी चक के लिए रवाना हुई, जो रात में 3:30 बजे वहां पहुंचे तो कोहराम मच गया।
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प्रयागराज महाकुंभ से स्नान कर लौटते समय सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नौ श्रद्धालुओं का पोस्टमार्टम शुक्रवार की रात साढ़े सात बजे से शुरू हुआ। तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियो रिकॉर्डिंग में पोस्टमार्टम रात करीब 12 बजे तक किया। क्षत विक्षत शवों के होने के कारण पोस्टमार्टम करने में काफी परेशानी हुई। वजह अमर सिंह (45) और उनकी बेटी नित्या (5) का शव गठरी में बांधना पड़ा, क्योंकि उनकी आंत से लेकर पेट तक बाहर आ गए थे। इसे सिला तक नहीं जा सका। उनके शव को लेकर अमर के छोटे भाई राणा प्रताप सिंह एबुलेंस से रवाना हुए। कुछ ऐसी ही हालत श्यामसुंदर (45) के शव की भी थी, जिनका एक हाथ अलग हो गया था और सिर फट गया था। उनके बेटे के बंगलूरू में होने के कारण प्रिंस चौरसिया अपनी मां सुधा चौरसिया (52) के शव को लेकर एंबुलेंस से घर के लिए निकले। वहीं, सुरेंद्र गुप्ता (54), पुष्पा (40) और भगवानी देवी के शव को लेकर शिवम यादव एंबुलेंस से चले। जबकि सुब्बाबाजार निवासी इसरावती देवी (45) के शवों के साथ एबुंलेंस से जितेंद्र सिंह लेकर निकले। जबिक ग्राम प्रधान बृजेश सिंह बैजू और शैलेंद्र सिंह छह अन्य गाड़ियों से परिजनों को लेकर हरदीचक के लिए निकले, जो रात में 3:30 बजे के करीब 150 किमी की दूरी तय कर पहुंचे तो गांव में कोहराम मच गया। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ सिंह, सीओ सदर सुधाकर पांडेय, प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय पोस्टमार्टम कराने में लगे रहे। शवों को उठाने में समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र सिंह भी मदद करते रहे। पोस्टमार्टम के बाद रात में करीब डेढ़ बजे सभी अपने घर पहुंचे ही थे कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती सुभावती (40) पत्नी शिव निवासी हरदी चक थाना बांसगांव के भी मौत की खबर मिल गई, जिसके बाद पहुंचे अधिकारियों ने लिखापढ़ी के बाद शव को मॉर्च्यूरी में रखवाया और शवों को लेकर रवाना हुए लोगों को भी सूचना दी।
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