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नहर सूखी, िकसान परेशान
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:28 PM IST
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नहरों से उड़ रही धूल सिंचाई करना मुश्किल
शारदा सहायक नहर की 23वीं शाखा देवनाथपुर रजवाहा में पानी न छोड़े जाने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की गेहूूं की फसल सूखने की आशंका है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण पानी का अभाव बरकरार है। ऐसा ही रहा तो फसल को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता। इससे किसान मायूस दिखाई दे रहे हैं। जबकि इन दिनों गेहूं की फसल में बाली निकल आई है। बाली निकलते समय पानी देने की सख्त जरूरत होती है।
भीमापार-शारदा सहायक नहर की 23वीं शाखा देवनाथपुर रजवाहा में पानी की जगह धूल उड़ रही है। इसकी वजह से किसान गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। गांव के दर्जनों किसानों के माथे पर इस बात से बल पड़ने लगा है कि बाली निकलते ही गेहूं की फसल को पानी की जरूरत है। साधन संपन्न किसानों तो डीजल इंजन से फसलों की सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य मारकंडेय सिंह ने बताया किइस शाखा से बरेहता, मई, खिदिरपुर, मलौरा, कुआटी, नाथूपुर, बरहपार भोजूराय, मंगारी, दलीपराय पट्टी, सेमरौल, बिजरवा, मखदुमपुर, गौरा आदि गांव को इस नहर से सिंचाई की सुविधा मिलती है। एक बार गेहूं की सिंचाई करने के बाद इस नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे फसल चौपट होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों से पानी छोड़े जाने के लिए कहा गया। पर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चेतावनी दी कि अगर चार दिन के अंदर नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आंदोलन करेंगे।
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सिंचाई विभाग केअवर अभियंता विश्वजीत कुमार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नहर में पानी नहीं है, लेकिन किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नहर में पंद्रह फरवरी की सुबह पानी छोड़ दिया जाएगा। गेट से पानी निकलने के बाद इसे टेल तक पहुंचने में कुल 48 घंटे का समय लगेगा। इसके बाद किसान आराम से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे।
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भीमापार-शारदा सहायक नहर की 23वीं शाखा देवनाथपुर रजवाहा में पानी की जगह धूल उड़ रही है। इसकी वजह से किसान गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। गांव के दर्जनों किसानों के माथे पर इस बात से बल पड़ने लगा है कि बाली निकलते ही गेहूं की फसल को पानी की जरूरत है। साधन संपन्न किसानों तो डीजल इंजन से फसलों की सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
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क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य मारकंडेय सिंह ने बताया किइस शाखा से बरेहता, मई, खिदिरपुर, मलौरा, कुआटी, नाथूपुर, बरहपार भोजूराय, मंगारी, दलीपराय पट्टी, सेमरौल, बिजरवा, मखदुमपुर, गौरा आदि गांव को इस नहर से सिंचाई की सुविधा मिलती है। एक बार गेहूं की सिंचाई करने के बाद इस नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे फसल चौपट होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों से पानी छोड़े जाने के लिए कहा गया। पर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चेतावनी दी कि अगर चार दिन के अंदर नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आंदोलन करेंगे।
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सिंचाई विभाग केअवर अभियंता विश्वजीत कुमार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नहर में पानी नहीं है, लेकिन किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नहर में पंद्रह फरवरी की सुबह पानी छोड़ दिया जाएगा। गेट से पानी निकलने के बाद इसे टेल तक पहुंचने में कुल 48 घंटे का समय लगेगा। इसके बाद किसान आराम से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे।