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Ghazipur News: बच्चों में पुलिस का डर नहीं डालें बल्कि मित्र और हितैषी बताएं
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एसपी सिटी ज्ञानेंद्र ने पुलिस की पाठशाला में दी कई जानकारी, बच्चों को आत्मविश्वास मजबूत रखने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्कूली बच्चों को कानून की जानकारी देने के लिए बुधवार को शहर के रौजा स्थित बैजनाथ इंटर काॅलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 200 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एसपी सिटी ने कहा कि पुलिस समाज का अभिन्न अंग है। जहां लोग खुद कानून का पालन नहीं करते, वहां पुलिस की जरूरत पड़ती है। जैसा समाज होता है संस्थाएं भी उसी तरह की होती है। हर विभाग में अच्छे लोग हैं। इसलिए बेझिझक अपनी समस्याओं को पुलिस के सामने रखें। लेकिन किसी समस्या या मुसीबत में पड़ने पर पहले आपको अपना आत्मविश्वास मजबूत रखना होगा। यानी पहले अपनी मदद खुद करनी होगी।
उन्होंने बताया कि सड़क पर किसी समस्या में पड़ने पर सार्वजनिक स्थान पर चले जाएं और पुलिस को सूचित करें। हरेक परिस्थितियों के हिसाब से आपने आपको तैयार रखना होगा। पुलिस की भूमिका भी काफी सकारात्मक हुई है। इस मौके पर उन्होंने 112, 1090 सहित अन्य हेल्प लाइन नंबर की विशेषताएं बताई। किसी भी समस्या में पड़ने पर 112 पर फोन किया जा सकता है, वहीं, 1090 महिला हेल्प लाइन नंबर है। जिस पर महिलाएं पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपनी समस्या से अवगत कराकर मदद मांग सकती हैं।
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एसपी सिटी ने कहा कि अभिभावक और शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा सामाजिक ज्ञान भी दें और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली बातों को जरूर बताएं। बच्चे अपने परिवेश से सीखते हैं। बच्चों के मन में पुलिस के प्रति जो बचपन से डर पैदा किया जाता है। यह सही बात नहीं। अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों के मन में पुलिस का डर न डालें। उसे समाज का हितैषी और मित्र के रूप में प्रस्तुत करें। क्योंकि जीवन में जो शिक्षा और संस्कार मिलते हैं वही आगे काम आते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी गलत चीज को अगर दबाया जाता है तो वह भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। समस्या को दबाने के बजाए उसका समाधान खोजना जरूरी होता है। पुलिस को मित्र की तरह समझें और मदद लें, यही नहीं पुलिस की समय-समय पर मदद भी करें। बच्चों को सलाह दी कि सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। जो भी संसाधन हों उसमें लक्ष्य के मुताबिक मेहनत करते रहे। जीवन में कठिनाई हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रहेगी। उसी में जीवन का आनंद है और आगे बढ़ने का जज्बा भी मिलता है। लक्ष्य के प्रति लगन से मेहनत करने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रिंसिपल अनुज मिश्रा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को छात्र-छात्राओं के जीवन में उपयोगी बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम होने से बच्चों के मन में पुलिस प्रशासन के प्रति जो डर बना है, उसे बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस मौके पर वाइस प्रिंसिपल पूजा श्रीवास्तव, अंजली, सगुफसा, वंदना राय, श्वेता, कुसुमलता, राधेश्याम, संतोष यादव, बालकृष्ण राय, मनीष मोहन देव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन शरद वर्मा ने किया।
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बच्चों ने पाए अपने सवालों के जवाब
सर एक बार मेरे घर के लोगों ने 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया फिर भी कोई सहायता नहीं मिली। -रितिका गुप्ता:
एसपी सिटी: 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर पुलिस 24 घंटे तैनात रहती है। फोन करते ही फोन करने वाले व्यक्ति और स्थान पर पांच से दस मिनट में पुलिस मदद के लिए पहुंच जाती है। लेकिन महिला संबंधित मामलों में 1090 पर फोन करें। अगर मामला गंभीर होता है तो अपने थाने को सूचित करें।
अगर रास्ते में कोई अंजान व्यक्ति परेशान कर रहा है तो क्या करना चाहिए। - अनुश्री
एसपी सिटी: सबसे पहले आप किसी सार्वजनिक स्थान पर चली जाएं और किसी का मोबाइल लेकर 1090 पर फोन करें या कहीं सुरक्षित स्थान पर चली जाएं और पुलिस को सूचित करें। ऐसा करने के बाद पुलिस के आने तक आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहने का प्रयास करें ।
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अगर सड़क पर किसी को कोई परेशानी हो तो, वो कैसे पुलिस से संपर्क करें। -दिव्या भारती
एसपी सिटी: अगर आपको कोई परेशान कर रहा है या आप जहां रहती हैं वहां कोई परेशानी है तो तत्काल आप पुलिस की मदद ले सकती है। बस आपको टोल फ्री नंबर पर फोन करना है और पुलिस आपके पास पहुंच जाएगी। लेकिन अपनी मदद भी खुद करनी है इसके लिए आत्म विश्वास बनाए रखने की जरूरत है।
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अगर सुनसान रास्ता है और अकेली हों तो पुलिस की मदद लें सकते हैं। - अन्नु कुशवाहा
एसपी सिटी: जरूर अगर आपको कोई परेशानी है और आप अकेली है तो जरूरत पड़ने पर महिला पुलिस भी आपकी सहायता के लिए मौजूद है। लेकिन कई बार परिस्थितियों से खुद भी सामना करना पड़ता है, इसके लिए अंदर से मजूबत होकर उसका सामना करें।
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पुलिस बेवजह लोगों को परेशान क्यों करती है। - अभय कुमार प्रजापति
एसपी सिटी: ऐसा नहीं है। पुलिस किसी को परेशान नहीं करती है। कुछ लोग होते है जो लोगों को बेवजह परेशान करते है। समाज से संस्थाओं का भी निर्माण होता है। उसमें से अच्छे-बुरे लोग पुलिस में भी आ सकते हैं। अगर आपको कोई परेशान करता है तो आप हमें सूचित करें।
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सिविल सेवा की तैयारी करनी है तो क्या करें। -अंजली अग्रहरी एसपी सिटी : कक्षा 10 के बाद से ही तैयारी करें। सभी विषयों का ज्ञान रखें। एक मुख्य विषय पहले से ही चुन लें। सामान्य ज्ञान, सामाजिक ज्ञान हासिल करें और आगे बढ़ें। मेहनत और लगन के बल पर कोई मंजिल दूर नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्कूली बच्चों को कानून की जानकारी देने के लिए बुधवार को शहर के रौजा स्थित बैजनाथ इंटर काॅलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 200 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एसपी सिटी ने कहा कि पुलिस समाज का अभिन्न अंग है। जहां लोग खुद कानून का पालन नहीं करते, वहां पुलिस की जरूरत पड़ती है। जैसा समाज होता है संस्थाएं भी उसी तरह की होती है। हर विभाग में अच्छे लोग हैं। इसलिए बेझिझक अपनी समस्याओं को पुलिस के सामने रखें। लेकिन किसी समस्या या मुसीबत में पड़ने पर पहले आपको अपना आत्मविश्वास मजबूत रखना होगा। यानी पहले अपनी मदद खुद करनी होगी।
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उन्होंने बताया कि सड़क पर किसी समस्या में पड़ने पर सार्वजनिक स्थान पर चले जाएं और पुलिस को सूचित करें। हरेक परिस्थितियों के हिसाब से आपने आपको तैयार रखना होगा। पुलिस की भूमिका भी काफी सकारात्मक हुई है। इस मौके पर उन्होंने 112, 1090 सहित अन्य हेल्प लाइन नंबर की विशेषताएं बताई। किसी भी समस्या में पड़ने पर 112 पर फोन किया जा सकता है, वहीं, 1090 महिला हेल्प लाइन नंबर है। जिस पर महिलाएं पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपनी समस्या से अवगत कराकर मदद मांग सकती हैं।
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एसपी सिटी ने कहा कि अभिभावक और शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा सामाजिक ज्ञान भी दें और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली बातों को जरूर बताएं। बच्चे अपने परिवेश से सीखते हैं। बच्चों के मन में पुलिस के प्रति जो बचपन से डर पैदा किया जाता है। यह सही बात नहीं। अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों के मन में पुलिस का डर न डालें। उसे समाज का हितैषी और मित्र के रूप में प्रस्तुत करें। क्योंकि जीवन में जो शिक्षा और संस्कार मिलते हैं वही आगे काम आते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी गलत चीज को अगर दबाया जाता है तो वह भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। समस्या को दबाने के बजाए उसका समाधान खोजना जरूरी होता है। पुलिस को मित्र की तरह समझें और मदद लें, यही नहीं पुलिस की समय-समय पर मदद भी करें। बच्चों को सलाह दी कि सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। जो भी संसाधन हों उसमें लक्ष्य के मुताबिक मेहनत करते रहे। जीवन में कठिनाई हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रहेगी। उसी में जीवन का आनंद है और आगे बढ़ने का जज्बा भी मिलता है। लक्ष्य के प्रति लगन से मेहनत करने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रिंसिपल अनुज मिश्रा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को छात्र-छात्राओं के जीवन में उपयोगी बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम होने से बच्चों के मन में पुलिस प्रशासन के प्रति जो डर बना है, उसे बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस मौके पर वाइस प्रिंसिपल पूजा श्रीवास्तव, अंजली, सगुफसा, वंदना राय, श्वेता, कुसुमलता, राधेश्याम, संतोष यादव, बालकृष्ण राय, मनीष मोहन देव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन शरद वर्मा ने किया।
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बच्चों ने पाए अपने सवालों के जवाब
सर एक बार मेरे घर के लोगों ने 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया फिर भी कोई सहायता नहीं मिली। -रितिका गुप्ता:
एसपी सिटी: 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर पुलिस 24 घंटे तैनात रहती है। फोन करते ही फोन करने वाले व्यक्ति और स्थान पर पांच से दस मिनट में पुलिस मदद के लिए पहुंच जाती है। लेकिन महिला संबंधित मामलों में 1090 पर फोन करें। अगर मामला गंभीर होता है तो अपने थाने को सूचित करें।
अगर रास्ते में कोई अंजान व्यक्ति परेशान कर रहा है तो क्या करना चाहिए। - अनुश्री
एसपी सिटी: सबसे पहले आप किसी सार्वजनिक स्थान पर चली जाएं और किसी का मोबाइल लेकर 1090 पर फोन करें या कहीं सुरक्षित स्थान पर चली जाएं और पुलिस को सूचित करें। ऐसा करने के बाद पुलिस के आने तक आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहने का प्रयास करें ।
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अगर सड़क पर किसी को कोई परेशानी हो तो, वो कैसे पुलिस से संपर्क करें। -दिव्या भारती
एसपी सिटी: अगर आपको कोई परेशान कर रहा है या आप जहां रहती हैं वहां कोई परेशानी है तो तत्काल आप पुलिस की मदद ले सकती है। बस आपको टोल फ्री नंबर पर फोन करना है और पुलिस आपके पास पहुंच जाएगी। लेकिन अपनी मदद भी खुद करनी है इसके लिए आत्म विश्वास बनाए रखने की जरूरत है।
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अगर सुनसान रास्ता है और अकेली हों तो पुलिस की मदद लें सकते हैं। - अन्नु कुशवाहा
एसपी सिटी: जरूर अगर आपको कोई परेशानी है और आप अकेली है तो जरूरत पड़ने पर महिला पुलिस भी आपकी सहायता के लिए मौजूद है। लेकिन कई बार परिस्थितियों से खुद भी सामना करना पड़ता है, इसके लिए अंदर से मजूबत होकर उसका सामना करें।
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पुलिस बेवजह लोगों को परेशान क्यों करती है। - अभय कुमार प्रजापति
एसपी सिटी: ऐसा नहीं है। पुलिस किसी को परेशान नहीं करती है। कुछ लोग होते है जो लोगों को बेवजह परेशान करते है। समाज से संस्थाओं का भी निर्माण होता है। उसमें से अच्छे-बुरे लोग पुलिस में भी आ सकते हैं। अगर आपको कोई परेशान करता है तो आप हमें सूचित करें।
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सिविल सेवा की तैयारी करनी है तो क्या करें। -अंजली अग्रहरी एसपी सिटी : कक्षा 10 के बाद से ही तैयारी करें। सभी विषयों का ज्ञान रखें। एक मुख्य विषय पहले से ही चुन लें। सामान्य ज्ञान, सामाजिक ज्ञान हासिल करें और आगे बढ़ें। मेहनत और लगन के बल पर कोई मंजिल दूर नहीं है।