गाजीपुर। इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण रविवार को पड़ा। सूर्यग्रहण पर इस बार अधिकतर लोगों ने घरों में ही स्नान कर दान पुण्य किया। हालांकि जिले के गंगा घाटों पर भी छिटपुट लोग स्नान करने पहुंचे लेकिन हमेशा की तरह भीड़ नहीं दिखी। रविवार की सुबह 10 बजे से ही सूर्यग्रहण लग गया, जो दोपहर बाद तक बना रहा। इस दौरान घरों में लोग भजन, कीर्तन तथा धार्मिक किताबों का वाचन करते रहे। ग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने परंपरानुसार स्नान कर दान पुण्य किया। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल में पूजन अर्चन का कई गुना फल मिलता है। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद शहर के ददरीघाट, महादेव घाट, कलेक्टर घाट, सिकंदरपुर घाट आदि पर छिटपुट भीड़ हुई। स्नान के बाद घाटों पर मौजूद पंडितों से लोगों ने संकल्प कराया तथा दान आदि दिया। अधिकतर लोगों ने घरों में ही स्नान किया।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, नगर के बच्छलपुरा घाट, सेमरा घाट, सुल्तानपुर घाट, बड़कीधारा, गौसपुर आदि घाटों पर भी स्नान के लिए कुछ लोग पहुंचे। घाटों पर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की ही अधिक संख्या देखी गई। पंडित शिवानंद तिवारी ने बताया कि शास्त्रों में ग्रहण का अलग ही महत्व है। इस दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और मानव जाति भगवान पर आए ग्रहण के समाप्त होने की प्रार्थना करती है। इस ग्रहण का अलग-अलग राशि के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सूर्यग्रहण पर लोगों ने दान-पुण्य किया।