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Ghazipur News: प्रतिदिन सौ से ज्यादा लोगों को काट रहे कुत्ते, हर महीने वैक्सीन में खर्च होते हैं 15 लाख
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गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जिले के अधिकारी कुत्तों के नियंत्रण के प्रति गंभीर नहीं हैं। सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने रोज सौ लोग पहुंच रहे हैं। इसमें हर महीने 15 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी न तो कुत्तों को पकड़ने के लिए कभी अभियान चलाया गया न शेल्टर होम बनाए गए।
जिले के 19 सीएचसी और 58 पीएचसी समेत सरकारी अस्पतालों में रोज 100 से लोग कुत्तों के काटने के बाद पहुंच रहे हैं। यानी महीने में 2500 से 3000 लोग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। इनके उपचार के लिए महीने में 6000 एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
पिछले साल खानपुर थाना क्षेत्र में कुत्तों के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो चुके है। वहीं, नगर निकाय और जिला प्रशासन कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद फिर से सुप्रीम कोर्ट ने कुत्ते के काटने की घटनाओं सरकार और स्थानीय नगर निकायों को भारी मुआवजा चुकाने का आदेश दिया। साथ ही कुत्ते के काटने पर उन्हें खाना खिलाने वाले लोगों और संगठनों की भी जवाबदेही तय करने को कहा है।
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तत्काल संक्रमण रोकने में कारगर होता है एंटी रेबीज सीरम
सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि कुत्तों के हमले को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में कुत्ते द्वारा खरोंच और दूसरे चरण में काटने को रखा गया है। इन दोनों मामलों में मरीज का ज्यादा खून नहीं बहा हो। तीसरे चरण में कुत्ते के काटते समय ज्यादा दांत धंसाने व मांस को प्रभावित करने को रखा है। उन्होंने बताया कि पहले दो चरणों में तो एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। तीसरे चरण के पीड़ित को एंटी रेबीज सीरम लगाया जाता है, जो तत्काल संक्रमण को रोकने का काम करता है।
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ग्रामीण इलाकों में ज्यादा होती हैं घटनाएं
शहर की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के हमले की घटनाएं ज्यादा होती हैं। यही वजह है कि सीएचसी, पीएचसी और न्यूपीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ ज्यादा होती है। यहीं नहीं, शहर के आस-पास के लोग भी एंटी रेबीज लगवाने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते हैं।
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पास होगा बन्ध्याकरण का प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद के ईओ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कुत्तों के बंध्याकरण का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। वहीं, सेल्टर होम के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। आवारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी कराई जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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जिले के 19 सीएचसी और 58 पीएचसी समेत सरकारी अस्पतालों में रोज 100 से लोग कुत्तों के काटने के बाद पहुंच रहे हैं। यानी महीने में 2500 से 3000 लोग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। इनके उपचार के लिए महीने में 6000 एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
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पिछले साल खानपुर थाना क्षेत्र में कुत्तों के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो चुके है। वहीं, नगर निकाय और जिला प्रशासन कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद फिर से सुप्रीम कोर्ट ने कुत्ते के काटने की घटनाओं सरकार और स्थानीय नगर निकायों को भारी मुआवजा चुकाने का आदेश दिया। साथ ही कुत्ते के काटने पर उन्हें खाना खिलाने वाले लोगों और संगठनों की भी जवाबदेही तय करने को कहा है।
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तत्काल संक्रमण रोकने में कारगर होता है एंटी रेबीज सीरम
सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि कुत्तों के हमले को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में कुत्ते द्वारा खरोंच और दूसरे चरण में काटने को रखा गया है। इन दोनों मामलों में मरीज का ज्यादा खून नहीं बहा हो। तीसरे चरण में कुत्ते के काटते समय ज्यादा दांत धंसाने व मांस को प्रभावित करने को रखा है। उन्होंने बताया कि पहले दो चरणों में तो एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। तीसरे चरण के पीड़ित को एंटी रेबीज सीरम लगाया जाता है, जो तत्काल संक्रमण को रोकने का काम करता है।
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ग्रामीण इलाकों में ज्यादा होती हैं घटनाएं
शहर की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के हमले की घटनाएं ज्यादा होती हैं। यही वजह है कि सीएचसी, पीएचसी और न्यूपीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ ज्यादा होती है। यहीं नहीं, शहर के आस-पास के लोग भी एंटी रेबीज लगवाने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते हैं।
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पास होगा बन्ध्याकरण का प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद के ईओ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कुत्तों के बंध्याकरण का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। वहीं, सेल्टर होम के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। आवारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी कराई जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।