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Ghazipur News: जिले का पहला मत्स्य आहार प्लांट तैयार, मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा
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जिले का पहला मत्स्य आहार प्लांट बनकर तैयार हो गया है। इसके कारण अब मत्स्य पालकों को मछली के आहार के लिए गैर जनपदों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण किया गया है। इसके कारण जनपद में मछली पालन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।सैदपुर के इस्माइलपुर कोटसा में मत्स्य आहार प्लांट बनाया गया है। इसकी लागत एक करोड़ रुपये आई है।
इसमें 60 प्रतिशत अनुदान दिया गया है। 2022-2023 में आवेदन किया गया था। लाभार्थी का चयन ई-लाटरी सिस्टम के माध्यम से किया गया था। मत्स्य आहार प्लांट के निर्माण में लगभग एक वर्ष का समय लगा है। करीब 500 स्क्वायर मीटर में मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण किया गया है।
इससे प्रतिदिन आठ टन मत्स्य आहार का उत्पादन होता है। मत्स्य आहार को स्थानीय मार्केट में बिक्री किया जाएगा। जिस भूमि पर मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण हुआ है, वह दस वर्षों के लिए लीज पर भूमि है। विभाग का दावा है कि करीब एक- डेढ़ माह मेें मत्स्य आहार प्लांट का लोकार्पण होने के बाद मछली पालन में काफी सहूलियत होगी।
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मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण किया गया है। इसके कारण जनपद में मछली पालन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।सैदपुर के इस्माइलपुर कोटसा में मत्स्य आहार प्लांट बनाया गया है। इसकी लागत एक करोड़ रुपये आई है।
इसमें 60 प्रतिशत अनुदान दिया गया है। 2022-2023 में आवेदन किया गया था। लाभार्थी का चयन ई-लाटरी सिस्टम के माध्यम से किया गया था। मत्स्य आहार प्लांट के निर्माण में लगभग एक वर्ष का समय लगा है। करीब 500 स्क्वायर मीटर में मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण किया गया है।
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इससे प्रतिदिन आठ टन मत्स्य आहार का उत्पादन होता है। मत्स्य आहार को स्थानीय मार्केट में बिक्री किया जाएगा। जिस भूमि पर मत्स्य आहार प्लांट का निर्माण हुआ है, वह दस वर्षों के लिए लीज पर भूमि है। विभाग का दावा है कि करीब एक- डेढ़ माह मेें मत्स्य आहार प्लांट का लोकार्पण होने के बाद मछली पालन में काफी सहूलियत होगी।
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