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बैंक की चोरी से सकते में लोग, पुलिस निष्क्रियता हुई उजागर
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औड़िहार नगर के मुख्य बाजार और मुख्य सड़क पर स्थित यूबीआई की शाखा में रविवार की रात छत काटकर स्ट्रांग रूम में घुसकर चोरों द्वारा लॉकर से आभूषण उड़ाने से क्षेत्र के लोग सकते में हैं। चोरी की इतनी बड़ी वारदात पुलिस की निष्क्रियता को साफ उजागर कर रही है। जबकि रात के समय बैंक की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि स्ट्रांग रूम में किसी तरह के अनुचित प्रवेश और किसी असलहा आदि से संपर्क होने पर बैंक का सायरन घनघना उठता है। इस सायरन का संपर्क पुलिस थाना से होने का प्रावधान होता है। इन सबके बावजूद बैंक की छत काटने और स्ट्रांग रूम के लाकर को तोड़ने की भनक आसपास तक किसी को नहीं लग सकी।
घटना को जिस तरह चोरों ने अंजाम दिया, उसको लेकर नगर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं है। चोरों ने उन्हीं लाकरों पर हाथ साफ किया, जिसमें एक लाकर को छोड़कर अन्य में उपभोक्ताओं का सामान था। हालांकि लॉकर में रखे गए सामानों का अभी पूरा विवरण नहीं मिल सका है, लेकिन बैंक कर्मी और उपभोक्ता इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात चोरों ने उड़ाए हैं। कुछ दिन पूर्व इस मार्ग पर सराफा एवं जनरल स्टोर में चोरी हुई थी। इसका खुलासा पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। इसके पहले कस्बा की पुलिस चौकी के बगल में रामलक्ष्मण जानकी की मूर्ति चोरी हुई। पुलिस ने जो बरामदगी दिखाई वह आम जन के गले के नीचे नहीं उतर रही थी। ऐसे में चोरी की इस बड़ी घटना से उपभोक्ताओं के साथ-साथ लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच दी है।
अब लॉकर भी सुरक्षित नहीं
औड़िहार। जेवरात सुरक्षित रखने की इच्छा से लोग बैंकों में लाकर की सुविधा लेते हैं, लेकिन रविवार की रात यूबीआई के लॉकर से जिस तरह की चोरी की घटना हुई है। इससे लॉकर लेने वाले बैंक उपभोक्ताओं के होश उड़ गए हैं। पुलिस महकमे के उच्चाधिकारी टीमें गठित कर इस घटना का पर्दाफाश करने की सख्त हिदायत दे रहे है। हालांकि इस घटना का खुलासा किसी चुनौती से कम नहीं है। वजह पुलिस को अब तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कोई सुराग तक हाथ नहीं लग सका है।
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सीसी छत की कटिंग की नहीं सुनाई दी आवाज
औड़िहार। सीसी छत की कटिंग जिस तरह से चोरों ने की है, इससे साफ जाहिर होता है कि इस प्रक्रिया में काफी समय लगा होगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि छत काटने की आवाज आस-पास किसी को सुनाई नहीं दी। इधर पुलिस दावा कर रही है कि रात 12 बजे तक टीम गश्त पर थी और संभवत: रात दो बजे के आस-पास घटना को अंजाम दिया गया होगा। लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या किसी को कोई आवाज नहीं सुनाई और बैंक ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को कुछ भी पता नहीं चल सका। चोर बड़े आराम से वारदात को अंजाम दिए और फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है।
छह टीमें गठित, खंगाला जा रहा सीसीटीवी कैमरा
औड़िहार। पुलिस उच्चाधिकारियों ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए छह टीमों को गठित कर 100 पुलिसकर्मियों को पूरे कस्बे की निगरानी के लिए लगाया है। इधर फॉरेंसिक टीम, सर्विसलांस टीम और एसओजी टीम सहित क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में भी कई थाने की पुलिस भी छानबीन में लगी हुई है। इधर सैदपुर पुलिस पूरे दिन कस्बे में किरायेदारों, आने जाने वाले लोगों और अन्य बिंदुओं पर जांच करने में जुटी रही। मुख्य मार्ग और बाजार के प्रमुख स्थलों के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग पुलिस के हाथ अभी नहीं लग सका है।
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घटना को जिस तरह चोरों ने अंजाम दिया, उसको लेकर नगर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं है। चोरों ने उन्हीं लाकरों पर हाथ साफ किया, जिसमें एक लाकर को छोड़कर अन्य में उपभोक्ताओं का सामान था। हालांकि लॉकर में रखे गए सामानों का अभी पूरा विवरण नहीं मिल सका है, लेकिन बैंक कर्मी और उपभोक्ता इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात चोरों ने उड़ाए हैं। कुछ दिन पूर्व इस मार्ग पर सराफा एवं जनरल स्टोर में चोरी हुई थी। इसका खुलासा पुलिस आज तक नहीं कर सकी है। इसके पहले कस्बा की पुलिस चौकी के बगल में रामलक्ष्मण जानकी की मूर्ति चोरी हुई। पुलिस ने जो बरामदगी दिखाई वह आम जन के गले के नीचे नहीं उतर रही थी। ऐसे में चोरी की इस बड़ी घटना से उपभोक्ताओं के साथ-साथ लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच दी है।
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अब लॉकर भी सुरक्षित नहीं
औड़िहार। जेवरात सुरक्षित रखने की इच्छा से लोग बैंकों में लाकर की सुविधा लेते हैं, लेकिन रविवार की रात यूबीआई के लॉकर से जिस तरह की चोरी की घटना हुई है। इससे लॉकर लेने वाले बैंक उपभोक्ताओं के होश उड़ गए हैं। पुलिस महकमे के उच्चाधिकारी टीमें गठित कर इस घटना का पर्दाफाश करने की सख्त हिदायत दे रहे है। हालांकि इस घटना का खुलासा किसी चुनौती से कम नहीं है। वजह पुलिस को अब तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कोई सुराग तक हाथ नहीं लग सका है।
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सीसी छत की कटिंग की नहीं सुनाई दी आवाज
औड़िहार। सीसी छत की कटिंग जिस तरह से चोरों ने की है, इससे साफ जाहिर होता है कि इस प्रक्रिया में काफी समय लगा होगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि छत काटने की आवाज आस-पास किसी को सुनाई नहीं दी। इधर पुलिस दावा कर रही है कि रात 12 बजे तक टीम गश्त पर थी और संभवत: रात दो बजे के आस-पास घटना को अंजाम दिया गया होगा। लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या किसी को कोई आवाज नहीं सुनाई और बैंक ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को कुछ भी पता नहीं चल सका। चोर बड़े आराम से वारदात को अंजाम दिए और फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है।
छह टीमें गठित, खंगाला जा रहा सीसीटीवी कैमरा
औड़िहार। पुलिस उच्चाधिकारियों ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए छह टीमों को गठित कर 100 पुलिसकर्मियों को पूरे कस्बे की निगरानी के लिए लगाया है। इधर फॉरेंसिक टीम, सर्विसलांस टीम और एसओजी टीम सहित क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में भी कई थाने की पुलिस भी छानबीन में लगी हुई है। इधर सैदपुर पुलिस पूरे दिन कस्बे में किरायेदारों, आने जाने वाले लोगों और अन्य बिंदुओं पर जांच करने में जुटी रही। मुख्य मार्ग और बाजार के प्रमुख स्थलों के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग पुलिस के हाथ अभी नहीं लग सका है।