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लाल को देखने को रही बेताबी, अंतिम यात्रा में उमड़े ग्रामीण

Mon, 20 Jun 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2022 11:57 PM IST
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Desperate to see Lal, villagers gathered in the last journey
मेघालय में तीन दिन पहले शुक्रवार को भूस्खलन से हुई मौत के बाद बीएसएफ के जवान सतीश सिंह (40) का पार्थिव शरीर जब सोमवार को उनके पैतृक गांव मौधा पहुंचा। एक तरफ जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, तो दूसरी ओर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। सैदपुर एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता, क्षेत्राधिकारी सैदपुर बलिराम प्रसाद व थानाध्यक्ष खानपुर संजय मिश्रा सहित थानाध्यक्ष बहरियाबाद संदीप कुमार सहित चौकी प्रभारी मौधा आशुतोष शुक्ला फोर्स के साथ गांव में मौजूद रहे।
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कंपनी कमांडर ने बताया कि जवान सतीश सिंह कांस्टेबल के पद पर 13 जवानों की टोली में एक साथ मेघालय में तैनात थे। बीएसएफ के कमांडर एएसआई सुरेश चंद्र यादव ने बताया की सतीश अपनी टोली के टेंट में आराम कर रहे थे कि अचानक आकाशीय बिजली पहाड़ों पर गिरने से भूस्खलन होने लगा। जब तक सतीश अपने टेंट से बाहर निकलते, इतने में ही वह भूस्खलन होने से मिट्टी के बीच दब गए। मलबा हटाकर जब तक सतीश को बाहर निकालते, उनकी मौत हो चुकी थी। उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया, इसके बाद वहां से सड़क मार्ग से मौधा आया। सतीश सिंह के पार्थिव आने की जानकारी होते ही मौधा बाजार की सभी दुकानें बंद हो गईं। साथ ही लोग तिरंगा हाथ में लेकर वंदेमातरम और जय हिंद के नारे लगाते देखे गये। उनकी पार्थिव शरीर की यात्रा में भीड़ उमड़ पड़ी। सैदपुर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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पिता और पुत्र समेत अधिकारियों ने दी अंतिम सलामी
मौधा। जवान का पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही सतीश के पिता इंद्रजीत सिंह और सतीश के पुत्र शिवांग सहित उपजिलाधिकारी सैदपुर ओमप्रकाश गुप्ता, सीओ सैदपुर समेत पुलिस कर्मी व उनके बटालियन के साथ आये सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सहित स्थानीय लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। पिता को पुष्प अर्पित करते समय शिवांग फफक कर रोने लगे। इतना देखते ही एसडीएम सैदपुर ओमप्रकाश गुप्ता व क्षेत्राधिकारी बलिराम गले लगाकर सांत्वना देने लगे।
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अपने पीछे हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए सतीश
मौधा। सतीश सिंह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे, उनके बाकी दोनों भाई भी सेना में कार्यरत हैं। सतीश सिंह की पत्नी विजयलक्ष्मी और मां कांति देवी बेटे की तस्वीर देख बिलख रही थीं। सतीश सिंह अपने पीछे एक पुत्र शिवांग सिंह और एक पुत्री अनुष्का सहित माता पिता और दो भाइयों का परिवार छोड़कर गए हैं।
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