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दलित बस्ती की छह झोपड़ियां जलकर राख
संवाददाता/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:46 AM IST
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रेवतीपुर गांव की दलित बस्ती बुधवार की सुबह चूल्हे की चिनगारी से भड़की आग से चार लोगों की छह रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। झोपड़ियों में रखे गृहस्थी के सामान, नकद, कपड़े आदि जलकर नष्ट हो गए।
रेवतीपुर क्षेत्र की दलित बस्ती निवासी रामजी राम, रामचीज राम, खूबलाल राम और मुरली राम के परिवार के सभी सदस्य बुधवार की सुबह भोजन करने के बाद खेत में काम करने चले गए। भोजन बनाने के बाद चूल्हे में गर्म राख
रह गई थी। परिवार के सदस्यों के जाने के बाद चूल्हे की चिनगारी से रामजी राम की झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही देर में झोपड़ी ऊंची लपटों के साथ जलने लगी। कुछ ही समय में अन्य पांच झोपड़ियों में आग पकड़ लिया। आग देखकर लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर खेतों में जा रहे गांव के अन्य लोग दौड़ पड़े। लोगों ने आग बुझाने का
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प्रयास शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी ने घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दे दी लेकिन गाड़ी नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सूचना के बाद गाड़ी आई होती तो भारी नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
महुआरी में दो झोपड़ियां जलीं
रेवतीपुर गांव के महुवारी मौजा में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे आग लगने से दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। उसमें रखा हजारों का सामान जलकर राख हो गया।
रेवतीपुर निवासी देवमूरत यादव गांव के उत्तर तरफ महुआरी मौजा में परिवार समेत दो झोपड़ियां डालकर रहते हैं। उनकी आजीविका का साधन खेती है। वह रोज की भांति अपने परिवार को लेकर खेत में काम करने चले गये। तभी
अचानक उनकी नजर अपने बनाए आशियाने पर पडी देखा तो धुवां के साथ तेज लपटे उठ रही है। वह शोर मचाते हुए पहुंचे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पा लिया। पीड़ित देवमूरत यादव ने बताया कि झोपड़ी में रखाी 10 बोरी खाद, गृहस्थी के सभी सामान जलकर नष्ट हो गए।
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रेवतीपुर क्षेत्र की दलित बस्ती निवासी रामजी राम, रामचीज राम, खूबलाल राम और मुरली राम के परिवार के सभी सदस्य बुधवार की सुबह भोजन करने के बाद खेत में काम करने चले गए। भोजन बनाने के बाद चूल्हे में गर्म राख
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रह गई थी। परिवार के सदस्यों के जाने के बाद चूल्हे की चिनगारी से रामजी राम की झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही देर में झोपड़ी ऊंची लपटों के साथ जलने लगी। कुछ ही समय में अन्य पांच झोपड़ियों में आग पकड़ लिया। आग देखकर लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर खेतों में जा रहे गांव के अन्य लोग दौड़ पड़े। लोगों ने आग बुझाने का
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प्रयास शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी ने घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दे दी लेकिन गाड़ी नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सूचना के बाद गाड़ी आई होती तो भारी नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
महुआरी में दो झोपड़ियां जलीं
रेवतीपुर गांव के महुवारी मौजा में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे आग लगने से दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। उसमें रखा हजारों का सामान जलकर राख हो गया।
रेवतीपुर निवासी देवमूरत यादव गांव के उत्तर तरफ महुआरी मौजा में परिवार समेत दो झोपड़ियां डालकर रहते हैं। उनकी आजीविका का साधन खेती है। वह रोज की भांति अपने परिवार को लेकर खेत में काम करने चले गये। तभी
अचानक उनकी नजर अपने बनाए आशियाने पर पडी देखा तो धुवां के साथ तेज लपटे उठ रही है। वह शोर मचाते हुए पहुंचे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पा लिया। पीड़ित देवमूरत यादव ने बताया कि झोपड़ी में रखाी 10 बोरी खाद, गृहस्थी के सभी सामान जलकर नष्ट हो गए।