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बुद्ध के संदेशों पर करें अमल

Tue, 02 Feb 2021 11:29 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 11:29 PM IST
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cultural
जमानिया के लटिया गांव में आयोजित लटिया महोत्सव में मंचासीन अतिथि एवं अन्य। - फोटो : GHAZIPUR
जमानिया। सम्राट अशोक क्लब की ओर मंगलवार को आयोजित लटिया महोत्सव कई मायनों में अहम रहा। क्लब के 25वीं संगीति के अवसर पर रामलीला मैदान में सीओ हितेंद्र कृष्ण नेे राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद नगर में तिरंगा जुलूस निकालकर लटिया महोत्सव की रजत जयंती मनाई गई। लटिया गांव स्थित कार्यक्रम स्थल स्तंभ के नीचे पंचशील दीप प्रज्जलवन तथा क्लब का ध्वजारोहण किया गया। आयोजकों ने अतिथियों को अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि जापान से पहुंचे परम पूज्य धम्म गुरु जेनशोई तारासोवा ने कहा कि भगवान बुद्ध के संदेशों ने दुनिया का बहुत कल्याण किया है। सम्राट अशोक क्लब भगवान बुद्ध के संदेशों एवं सम्राट अशोक की लोक कल्याणकारी नीतियों को घर-घर पहुंचा रहा है जो सराहनीय है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को हर धर्म के धर्मग्रंथों को पढ़ने एवं उसके लोक कल्याणकारी सार अंशों को अपने जीवन में अमल करने की इजाजत देता है। राष्ट्र की एकता और अखंडता एवं आपसी भाईचारा को अपने कार्यो एवं बयानों से अपमानित एवं खंडित करने की इजाजत नहीं देता। किसी संप्रदाय विशेष के धर्मग्रंथ को भारत के नागरिकों पर थोपा नहीं जा सकता है। पूज्य धम्म गुरु भन्ते धम्म सरन ने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए बौद्धिक स्वतंत्रता अनिवार्य है। भारतीय संविधान की मूलभावना का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। गौतम बुद्ध ने अपने जीवन में कई ऐसे अनमोल उपदेश दिए हैं जिनको मानने से आप अपने जीवन में कई सफलताओं को प्राप्त कर सकते हैं। बुद्ध के हर एक उपदेश हमें कुछ न कुछ सिखाते हैं। भगवान गौतम बुद्ध ने कहा है कि हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं। जिस तरह कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है। अगर कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह खुशी उसका साथ कभी नहीं छोड़ती। हमेशा हमें अपना काम करना चाहिए। कभी भी भविष्य के बारें में नहीं सोचना चाहिए। परिश्रम करते समय अपने अतीत पर नहीं उलझना चाहिए। बस जिस समय जो काम कर रहे हों उसी काम पर लगे रहना चाहिए। इसी से आपको खुशी मिलेगी। मुख्य वक्त्ता डॉ. सचितानंद मौर्य ने कहा कि यह देश जिस संविधान से चलता है आज उसी देश के अधिकतर नागरिक अपने संविधान के बारे में नहीं जानते। आज समाज में धार्मिक उन्माद जैसा माहौल बना हुआ है, ऐसे में सम्राट अशोक की लोक कल्याण नीतियों की प्रासंगिकता बढ़ गई है। इस मौके पर डॉ. रविंद्र मौर्य, भीष्म कुमार, शत्रुघ्न सिंह शाक्य, जीवनदीप सिंह, गिरजा मौर्य, धनंजय मौर्य, संतोष कुशवाहा, कृष्णा सिंह, संजय सिंह, आजाद सिंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. दीनानाथ मौर्य एवं संचालन प्रवीण मौर्य ने किया।
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