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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The lawsuit filed on the murder of four

चार पर हत्या का मुकदमा दर्ज

Fri, 03 Jun 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर Updated Fri, 03 Jun 2016 12:13 AM IST
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करीमुददीनपुर थाना अन्तर्गत बगेन्द गांव निवासी मृतक धनन्जय उर्फ लोहा  यादव के पिता गोरख यादव की तहरीर पर गुरुवार को कोतवाली मुहम्मदाबाद में  गांव के चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया।बीते  19 मई की सुबह यूसुफपुर रेलवे स्टेशन के पूरब हाटा गांव के सामने एक युवक  का शव रेलवे लाइन के किनारे मिला था। उसका एक पैर एवं गर्दन कटी थी। शव के  कुछ दूरी पर खून से सना एक बोरा भी पड़ा था।
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इससे यह आशंका थी कि यूवक की  हत्या कहीं अन्यत्र करके उसका शव रेलवे लाइन के पास फेंक दिया गया था।  कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसका अन्तिम  संस्कार करा दिया। समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद युवक के पिता ने  कोतवाली आकर उसके कपड़े एवं फोटो देखकर उसकी पहचान बगेन्द निवासी धनन्जय  उर्फ लोहा यादव के रूप में की।
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पिता ने अपने बेटे की हत्या की तहरीर पिछले  सप्ताह कोतवाली में दी थी लेकिन मुहम्मदाबाद पुलिस ने यह कहकर प्राथमिकी  दर्ज करने से इनकार कर दिया कि घटना स्थल करीमुददीनपुर थाने में है। वहीं  प्राथमिकी दर्ज होगी।पीड़ित पिता जब करीमुददीनपुर थाने पर गया तो वहां भी  यह कहकर उसे लौटा दिया गया कि शव मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में पाया गया  है। इसलिए प्राथमिकी भी वहीं दर्ज होगी।
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परेशान मृतक के पिता गोरख यादव  ने पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस महानिदेशक तक गुहार लगाई। उच्चाधिकारियों  के निर्देश पर दो जून की सुबह 10 बजे मुहम्मदाबाद कोतवाली में गोरख यादव की  तहरीर पर करीमुददीनपुर थाना अन्तर्गत बगेन्द गांव निवासी रामबचन राजभर उर्फ  जग्गा लाल, उनका पुत्र चन्दन राजभर, पुत्री लक्ष्मी, एवं रामबचन राजभर की  पत्नी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 एवं 201 के तहत मामला पंजीकृत हुआ। 



मृतक के पिता गोरख यादव ने तहरीर में आरोप लगाया है कि 18 मई की रात  साढ़े आठ बजे जब उसका पुत्र धनंजय यादव घर पर भोजन कर रहा था। उसके मोबाइल पर कई  बार मिस काल आई।खाने के बाद वह यह कहकर चला गया कि गांव की ही लक्ष्मी  पुत्री रामबचन राजभर के यहां से फोन आया है। मैं उनके घर जा रहा हूं। काफी  रात के बाद वह घर नहीं लौटा, उसका मोबाइल बन्द था। रामबचन राजभर के घर जाने  पर पता चला की ताला बन्द कर पूरा परिवार गायब है। अखबार में प्रकाशित समाचार पत्र के आधार पर जब वह मुहम्मदाबाद गया तो   कपड़ाें और हाथ पर गोदना के आधार पर उसकी पहचान हुई।
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