गाज़ीपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष समारोह सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। इसकी शुरुआत स्टेशन रोड स्थित पार्टी कार्यालय भारद्वाज भवन से जुलूस के रूप में हुई। विभिन्न रास्तों से होता हुआ कार्यकर्ताओं का जुलूस सरजू पांडेय पार्क पहुंचकर सभा में तब्दील हुआ। पूर्व विधायक इम्तियाज़ अहमद ने कहा कि भाकपा ने अपने सौ वर्ष के इतिहास में आजादी की जंग में महती कुर्बानी दी जो स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। पूर्वांचल में सरजू पांडेय, जयबहादुर सिंह, झारखंडे राय, पब्बर राम, रामसुंदर शास्त्री आदि ने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थी। उन्होंने कहा कि देश तो आजाद हुआ लेकिन सत्ता पूंजीवाद के हाथ में आ गई। इसके बाद भी कम्युनिस्ट पार्टी ने जमींदारी व्यवस्था के खात्मे के लिए जबरदस्त संघर्ष किया। आज देश के समक्ष संविधान, लोकतंत्र, गंगा जमुनी तहजीब बचाने की प्रमुख चुनौती सत्ता पक्ष प्रस्तुत कर रहा है। देश की साझी संस्कृति, साझी विरासत को बचाना फ़ौरी कर्तव्य है। ऐसी दशा में हर प्रकार से पार्टी को मजबूत करना होगा। भाकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य हामिद अली ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। स्वास्थ्य, शिक्षा की स्थिति दयनीय है। सामाजिक, आर्थिक विषमता बढ़ती जा रही है। सरकार के एजेंडे में आम लोगों के जीवन के सवालों को हल करना शामिल नहीं है। सभा में किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, राज्य परिषद के सदस्य शशिकांत कुशवाहा, रामअवध, ईश्वरलाल गुप्ता, शमीम अहमद, डॉ. रामबदन सिंह, सुरेंद्र राम आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता सदस्य अमेरिका सिंह यादव एवं संचालन जिला सचिव जनार्दन राम ने किया।