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जिले में कल से शुरू होगा बाल स्वास्थ्य पोषण माह

Mon, 10 Aug 2020 09:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 09:42 PM IST
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Child health nutrition month will start in the district from tomorrow
गाजीपुर। जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह के प्रथम चरण का आयोजन 12 अगस्त से पांच सितंबर तक किया जाएगा। अभियान के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के कुल 6.61 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाल स्वास्थ्य पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान बना लिया गया है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विटामिन-ए की खुराक भेज दी गई है ताकि शुरू होने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम को अमली रूप दिया जा सके और बच्चों को विटामिन-ए की खुराक से आच्छादित किया जा सके।
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एसीएमओ और सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से संचालित बाल स्वास्थ्य पोषण माह विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम टीकाकरण का एक अभिन्न अंग है जो प्रतिवर्ष दो चरणों में जून और दिसंबर महीने में टीकाकरण सत्रों पर आयोजित किया जाता है। इस बार कोरोना के चलते यह कार्यक्रम विलंब से शुरू हुआ है लेकिन इस दौरान पूरे माह चलने वाले कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि, मृत्यु दर में कमी लाना, रतौंधी एवं कुपोषण से बचाव तथा बच्चों को विटामिन-ए की खुराक के साथ-साथ उनको क्या-क्या पोषण आहार दिए जाएं इसके प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को इस अभियान को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सफल बनाने के निर्देश दिए। कहा कि इस कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि विटामिन-ए आंखों के लिए लाभदायक होता है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह आंखों की रोशनी को तेज कर उसकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में 6.61 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। इनमें नौ से 12 माह के 1.55 लाख, एक से दो वर्ष 1.94 लाख और दो से पांच वर्ष के 3.62 लाख बच्चे हैं। बच्चों को दवा पिलाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी। कहा कि टीकाकरण सत्र पर प्रत्येक बच्चे को विटामिन-ए की खुराक पिलाने के लिए हर बार एक नई चम्मच की व्यवस्था की जाए। एएनएम द्वारा हर बार खुराक पिलाने के बाद अपने हाथों को सैनेटाइज किया जाए जिससे कोरोना फैलने का खतरा कम हो। सीएनएनएस 2016-18 के अनुसार प्रदेश में एक से चार वर्ष के 16.9 प्रतिशत बच्चे विटामिन-ए की कमी से ग्रसित है।
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