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Ghazipur News: मां कामाख्या धाम में गूंजे जयकारे तीसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Sun, 22 Mar 2026 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:27 AM IST
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Chants of 'Victory' Reverberate at Maa Kamakhya Dham
मां कामाख्या मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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गहमर। चैत नवरात्र के तीसरे दिन कामाख्या धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। मंदिर के प्रधान पुजारी आकाश राज तिवारी ने बताया कि शनिवार को करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा का पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
मंदिर परिसर में दिनभर आरती, भजन-कीर्तन का आयोजन होता रहा। घंट-घड़ियाल और शंखनाद के बीच श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, नारियल, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया गया। मंदिर के बाहर पूजन सामग्री की दुकानों पर भी काफी भीड़ देखी गई। नवरात्र के दौरान कामाख्या धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना हुआ है।
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चकेरी धाम में लग श्रद्धालुओं की भीड़, मां दुर्गा मंदिर में उमड़ी आस्था

देवकली। गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम स्थित प्राचीन आदि शक्ति मां दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बना है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति नवरात्र में मां दुर्गा के सामने मत्था टेककर पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के प्रथम दिन से ही मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर के महंत त्रिवेणी दास ने बताया कि मंदिर के समीप गंगा के किनारे महाभारत कालीन एक पोखरा है, जिसमें गंगा का पानी सदैव चक्कर काटता रहता है। इसका गहराई नापने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई वस्तु डाली जाए तो उसका पता नहीं चलता। दो दशक पूर्व चकेरी धाम तब सुर्खियों में आया जब महंत त्रिवेणी दास ने लंबे, ऊंचे और चौड़े चबूतरे पर विशाल मंदिर का निर्माण कराया।
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जयपुर से 9 कुंतल वजन की भव्य संगमरमर की मूर्ति मंगाकर स्थापित की गई। मंदिर परिसर में प्रत्येक नवरात्रि और श्रावण मास में भारी भीड़ लगती है। रामनवमी और पुनवासी पर विशाल मेला भी आयोजित होता है। परिसर के पास ही प्राचीन शिव मंदिर, श्रीराम, लक्ष्मण, मां सीता और हनुमान का मंदिर भी स्थित है। महंत त्रिवेणी दास ने बताया कि चकेरी धाम एक सिद्ध स्थल है, जहां परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को सुख और शांति का अनुभव होता है।
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