गाजीपुर। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 14वीं पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी के कार्यालय समता भवन पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने उन्हें साहस और सत्य का प्रतीक बताया। कार्यकर्ताओं ने उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की सत्ता पर काबिज सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ संघर्ष करने एवं देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरुप की रक्षा करने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि वह एक ऐसे युवा तुर्क थे जिन्होंने दृढ़ता, ईमानदारी और साहस के साथ निहित स्वार्थ के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह हमेशा व्यक्तिगत और सत्ता की राजनीति के खिलाफ रहे। उन्होंने हमेशा वैचारिक लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक परिवर्तन की राजनीति का समर्थन किया। वह साहस और सत्य के प्रतीक थे, उनके मन में देश के गरीबों, शोषितों और पीड़ितों के लिए गहरी पीड़ा थी जिसकी झलक उनके उद्बबोधन के दौरान अक्सर दिखती थी। उन्होंने देशवासियों से मिलने एवं उनकी प्रमुख समस्याओं को समझने के लिए कन्याकुमारी से नई दिल्ली तक 4260 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। वह बेबाक वक्ता भी थे। इस दौरान सुधीर यादव, सदानंद यादव, अशोक बिंद, अरुण कुमार श्रीवास्तव, तहसीन अहमद, गोपाल यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, रामलाल प्रजापति, चंद्रेश्वर यादव, संतोष यादव, चन्द्रिका यादव, प्रमोद यादव, रामनगीना यादव, अवधेश कुशवाहा आदि उपस्थित थे।