जिले के परिषदीय विद्यालयों में टीचिंग लर्निंग मटीरियल (टीएलएम) के इस्तेमाल से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के लिए 29.10 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाएगी, जिसका इस्तेमाल संकुल शिक्षक शिक्षण सामग्री खरीदने में कर सकेंगे।
जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में दो लाख से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 194 संकुल क्षेत्र गठित किए गए हैं। प्रत्येक संकुल में पांच-पांच संकुल सदस्य कार्यरत हैं। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि संकुल शिक्षकों के लिए प्रति शिक्षक तीन हजार रुपये की दर से जिले को 29 लाख 10 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाएगी। इससे विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को रुचिकर ढंग से पढ़ाने के लिए ग्लोब, चार्ट, लूडो सहित अन्य जरूरी शिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी। बेहतर पठन-पाठन के लिए हर महीने तीसरे मंगलवार को संकुल शिक्षक बैठक कर लेसन प्लान तैयार करेंगे। इसके माध्यम से कक्षाओं में टीएलएम का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा।