{"_id":"62fb45dbc6958d5a0c6c1c29","slug":"brijesh-reached-ghazipur-court-did-not-cross-examine-got-this-next-date","type":"story","status":"publish","title_hn":"उसरी चट्टी हत्याकांड: बृजेश सिंह से नहीं हो सकी जिरह, मिली अगली तारीख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उसरी चट्टी हत्याकांड: बृजेश सिंह से नहीं हो सकी जिरह, मिली अगली तारीख
Tue, 16 Aug 2022 06:19 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 16 Aug 2022 06:19 PM IST
सार
21 साल पुराने मुहम्मदाबाद थाने के उसरी चट्टी हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त बृजेश सिंह मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में जिरह में शामिल होने पहुंचे। लेकिन मामले में इस वजह से सुनवाई नहीं हो सकी और कोर्ट ने अगली तारीख दे डाली।
विज्ञापन
बृजेश सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उसरी कांड में मुख्य अभियुक्त बृजेश सिंह मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में जिरह में शामिल होने पहुंचे। लेकिन जज के छुट्टी पर होने से मामले में सुनवाई नहीं हो सकी और कोर्ट परिसर से थोड़ी देर में वह लौट गए। कोर्ट ने अगली तारीख 29 अगस्त दी है।
मालूम हो कि 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद थाना के उसरी चट्टी हत्या कांड में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी/एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में मामला विचाराधीन है। 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दिन में 12 :30 बजे उसरी चट्टी पर उनके काफिके पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग किए। जिसमें मुख्तार अंसारी के गनर की मौके पर मौत हो गई। हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी।
मुख़्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के आरोप पत्र प्रेषित किया। जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
वहीं, पिछ्ले कई तारीखों से गवाह उपस्थित होने के बावजूद गवाही न होने से अदालत शख्त रुख अपनाते हुए अभियुक्तों को अदालत में हाजिर होने को कहा था। जिससे बृजेश सिंह सेंट्रल जेल वाराणसी से जमानत होने के बाद गाजीपुर कोर्ट में पहुंचे थे।
चप्पे-चप्पे पर तैनात थे सुरक्षाकर्मी
बाहुबली बृजेश सिंह के गाजीपुर कोर्ट में पेश होने को लेकर सुरक्षाकर्मी कचहरी के आस-पास चप्पे पर तैनात थे। मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह से संबंधित मामले में किसी भी अनहोनी की आशंका को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद थी। वहीं, बृजेश भी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में दाखिल हुए और वहां से तुरंत रवाना भी हो गये।
विज्ञापन
मालूम हो कि 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद थाना के उसरी चट्टी हत्या कांड में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी/एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में मामला विचाराधीन है। 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दिन में 12 :30 बजे उसरी चट्टी पर उनके काफिके पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग किए। जिसमें मुख्तार अंसारी के गनर की मौके पर मौत हो गई। हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
मुख़्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के आरोप पत्र प्रेषित किया। जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
वहीं, पिछ्ले कई तारीखों से गवाह उपस्थित होने के बावजूद गवाही न होने से अदालत शख्त रुख अपनाते हुए अभियुक्तों को अदालत में हाजिर होने को कहा था। जिससे बृजेश सिंह सेंट्रल जेल वाराणसी से जमानत होने के बाद गाजीपुर कोर्ट में पहुंचे थे।
चप्पे-चप्पे पर तैनात थे सुरक्षाकर्मी
बाहुबली बृजेश सिंह के गाजीपुर कोर्ट में पेश होने को लेकर सुरक्षाकर्मी कचहरी के आस-पास चप्पे पर तैनात थे। मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह से संबंधित मामले में किसी भी अनहोनी की आशंका को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद थी। वहीं, बृजेश भी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में दाखिल हुए और वहां से तुरंत रवाना भी हो गये।