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खामियों के बीच दो पालियों में शुरू हुई परिषदीय परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 14 Mar 2016 11:24 PM IST
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परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में बेमौसम बरसात के बीच प्राथमिक और उच्च विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा तमाम खामियों के बीच सोमवार को शुरू हुई। करंडा ब्लाक के तीन विद्यालयों पर छात्रों की उपस्थिति कम पाए जाने पर बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापकों और एबीएसए से स्पष्टीकरण मांगा है। परीक्षा में सैकड़ों परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू हुई। बूंदाबांदी के चलते कई जगहों पर परीक्षा कुछ विलंब से शुरू हुई। पहले दिन प्राथमिक स्तर पर हिंदी और उच्च प्राथमिक स्तर पर पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में पर्यावरण की परीक्षा हुई।
प्राथमिक के छात्रों की दूसरी पाली में हिंदी की मौखिक परीक्षा हुई। मौखिक परीक्षा के लिए जो प्रश्न पूछे जाने थे वह पहले से ही प्रश्नपत्र के नीचे छपे थे। प्रश्नपत्र मिलने के बाद अधिकांश बच्चों ने लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित प्रश्नों की तरह ही मौखिक परीक्षा के लिए दिए गए प्रश्नों के भी उत्तर अपनी कापियों में लिख डाले। बाद में कक्ष निरीक्षकों ने जब देखा कि यह मौखिक के प्रश्न हैं और इनका जवाब बच्चों ने लिख दिया है तो उन्होंने उसे हटवा दिया। इस तरह से मौखिक के प्रश्नों की गोपनीयता परीक्षा से पहले ही भंग हो गई।
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सुबह की पाली में परीक्षा के दौरान बैैठने की सहीं व्यवस्था न होने के कारण कई विद्यालयों में बच्चे समूह में बैठकर परीक्षा देते मिले। कक्ष निरीक्षक के रूप में दूसरे विद्यालयों के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी चन्द्रकेश सिंह यादव ने करंडा ब्लाक के तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में इन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति कम मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और एबीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रत्येक ब्लाक के लिए एक-एक सचल दस्ता का गठन किया गया है।
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घोषित कार्यक्रम के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू हुई। बूंदाबांदी के चलते कई जगहों पर परीक्षा कुछ विलंब से शुरू हुई। पहले दिन प्राथमिक स्तर पर हिंदी और उच्च प्राथमिक स्तर पर पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में पर्यावरण की परीक्षा हुई।
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प्राथमिक के छात्रों की दूसरी पाली में हिंदी की मौखिक परीक्षा हुई। मौखिक परीक्षा के लिए जो प्रश्न पूछे जाने थे वह पहले से ही प्रश्नपत्र के नीचे छपे थे। प्रश्नपत्र मिलने के बाद अधिकांश बच्चों ने लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित प्रश्नों की तरह ही मौखिक परीक्षा के लिए दिए गए प्रश्नों के भी उत्तर अपनी कापियों में लिख डाले। बाद में कक्ष निरीक्षकों ने जब देखा कि यह मौखिक के प्रश्न हैं और इनका जवाब बच्चों ने लिख दिया है तो उन्होंने उसे हटवा दिया। इस तरह से मौखिक के प्रश्नों की गोपनीयता परीक्षा से पहले ही भंग हो गई।
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सुबह की पाली में परीक्षा के दौरान बैैठने की सहीं व्यवस्था न होने के कारण कई विद्यालयों में बच्चे समूह में बैठकर परीक्षा देते मिले। कक्ष निरीक्षक के रूप में दूसरे विद्यालयों के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी चन्द्रकेश सिंह यादव ने करंडा ब्लाक के तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में इन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति कम मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और एबीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रत्येक ब्लाक के लिए एक-एक सचल दस्ता का गठन किया गया है।