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Ghazipur News: बैंकिंग व बीमा कर्मियों की हड़ताल 12 मार्च को
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गाजीपुर। चार श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को बैंकिंग व बीमा क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि बैंक यूनियनों में एआईबीईए, एआईबीओए एवं बीईएफआई ने बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे इस आम हड़ताल में पूर्ण एकजुटता, अनुशासन और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करें।
बताया कि ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चारों श्रम संहिताएं कॉरपोरेट हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता देते हुए करोड़ों श्रमिकों की ईज ऑफ लिविंग को कमजोर किया जा रहा है।
संगठन बनाने का अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार तथा नियमित आठ घंटे का कार्यदिवस जैसे बुनियादी श्रमिक अधिकारों पर गंभीर खतरा है। कहा कि लंबे संघर्षों से प्राप्त मौजूदा श्रम कानून, जिसमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल सुरक्षा की न्यूनतम गारंटियां शामिल थी। नई श्रम संहिताओं के माध्यम से नियोक्ताओं के पक्ष में कमजोर किए जा रहे हैं। बैंककर्मी नेता सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जाना निजीकरण की दिशा में एक गंभीर कदम है।
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बताया कि ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चारों श्रम संहिताएं कॉरपोरेट हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता देते हुए करोड़ों श्रमिकों की ईज ऑफ लिविंग को कमजोर किया जा रहा है।
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संगठन बनाने का अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार तथा नियमित आठ घंटे का कार्यदिवस जैसे बुनियादी श्रमिक अधिकारों पर गंभीर खतरा है। कहा कि लंबे संघर्षों से प्राप्त मौजूदा श्रम कानून, जिसमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल सुरक्षा की न्यूनतम गारंटियां शामिल थी। नई श्रम संहिताओं के माध्यम से नियोक्ताओं के पक्ष में कमजोर किए जा रहे हैं। बैंककर्मी नेता सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जाना निजीकरण की दिशा में एक गंभीर कदम है।
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