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रिश्वत लेते रंगे हाथ पेशकार धराया

Mon, 04 Jan 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर Updated Mon, 04 Jan 2016 11:44 PM IST
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arrest reader red handed taking bribe
वरासत के नाम पर नोनहरा क्षेत्र के चटाईपारा निवासी एक व्यक्ति से तीन हजार रुपये रिश्वत लेते समय सीओ चकबंदी नंदगंज के पेशकार शिवकुमार सिंह को पुलिस भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने रंगेहाथ
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पकड़ लिया। टीम ने सदर तहसील के पीछे चकबंदी कार्यालय परिसर में एक चाय की दूकान पर सोमवार की शाम चार बजे उसे रुपये लेते हुए पकड़ा। बाद में टीम ने आरोपी को शहर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया और तहरीर दी।
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सीओ चकबंदी ब्रजेश कुमार राय की कोर्ट में नोनहरा क्षेत्र के चटाईपारा निवासी  विपुल सिंह का वरासत का मामला चल रहा है। वादी विपुल सिंह ने बताया कि उसके बाबा राजदेव सिंह के निधन के बाद उनके पिता अवधेश नारायण
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सिंह तथा चाचा जीतेंद्र सिंह के नाम रजिस्टर्ड वसीयत कराना था। आरोप लगाया कि वरासत दर्ज करने के लिए पेशकार ने उनसे  दस हजार रुपये की मांग की। असमर्थता जताते पेशकार ने पांच हजार रुपये देने की बात कही। दो

माह पहले उसने पेशकार को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में  दो हजार रुपये दिए थे। शेष तीन हजार रुपये देने थे जिसके लिए पेशकार दबाव बना रहे थे। इस पर उन्होंने 21 दिसंबर को वाराणसी जाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन में

लिखित  शिकायत की थी। उसके बाद पेशकार को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनी। एंटी करप्शन की टीम निरीक्षक रामसागर राम की अगुवाई में सोमवार को गाजीपुर पहुंची। सोमवार शाम चार बजे विपुल ने पेशकार को एक  हजार के दो और 500 रुपये के दो नोट पकड़ाया। उसी बीच रामसागर राम की टीम ने पेशकार को दबोच लिया। पेशकार

शिवकुमार सिंह बिरनो थाना क्षेत्र के खरकपुर बिठौरा गांव का निवासी है। उसके खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक सरोज पांडेय, उप निरीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी सहित मुख्य आरक्षी  ओमप्रकाश, आरक्षी नरेंद्र कुमार सिंह,


राजकुमार पाल, अश्वनी पांडेय थे। उधर  रिश्वतखोर पेशकार ने बताया कि विपुल सिंह के गांव में उनकी  रिश्तेदारी है। परिचय के नाते वह विपुल को बतौर तीन हजार रुपये कर्ज दिए थे। कर्ज मांगने पर वह साजिश रचे और उन्हें रिश्वतखोरी में फंसा दिया। 
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