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पढ़ाई के साथ-साथ सीनियरों संग देंगे दवाई भी
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जिले के चिकित्सकीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने में मेडिकल कालेज प्रशासन ने दिन रात एक कर दिया है। नगर के सीएमओ कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन सात मंजिला 300 बेड के अस्पताल में उपचार के साथ-साथ एमबीबीएस के छात्र पढ़ाई भी कर सकेंगे। फरवरी माह में शुरू होने वाले इस अस्पताल को जहां लेक्चर हाल से लैस किया गया है, वहीं 21 ओपीडी कक्ष के अलावा उच्च पैथोलॉजी की भी सुविधा यहां मरीजों को मिलेगी।
लंबे समय से चिकित्सकीय सुविधाओं का टोटा बने जनपद में मेडिकल कालेज के संचालन के बाद चिकित्सा क्षेत्र को अब एक नई दिशा मिलनी शुरू हो गई है। करोड़ों की लागत से बन रहे सात मंजिला 300 बेड के अस्पताल के तैयार हो जाने पर जहां जिले में बेडों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी। वहीं दवा और जांच के लिए भटक रहे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
निर्माणधीन अस्पताल में सात मंजिला भवन तो तैयार हो चुका है, लेकिन अभी फिनिशिंग और लिफ्ट सहित अन्य कार्य पूर्ण होने करीब पांच माह लग जाएंगे। हालांकि कार्यदायी संस्था की ओर से इसे पूर्ण करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है, जिससे जनवरी माह तक भवन कॉलेज को सुपुर्द किया जा सके। इस भवन में एक लेक्चर हॉल भी बनाया गया, जिससे यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को देखने एवं इलाज की जानकारी एमबीबीएस के छात्र विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्राप्त तो करेंगे ही, साथ ही लेक्चर हाल में चिकित्सकीय क्षेत्र की पढ़ाई भी करेंगे। इसके अलावा इसे 21 ओपीडी कक्ष से लैस किया गया, जहां अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। जांच की सुविधा देेने के लिए अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जाएगा, वहीं ब्लड बैंक भी स्थापित कराया जाएगा। एक ही छत के नीचे के मरीजों सभी चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने कार्य किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले मरीजों को इधर-उधर न भटकना पड़े।
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अभी निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल में काफी कार्य शेष है। बाहर से भवन तो बन गया है, लेकिन भवन के अंदर का कार्य पूर्ण होने में समय लगेगा। जनवरी तक कार्यदायी संस्था इसे सुपुर्द कर देगी। फरवरी माह से इसके संचालन को लेकर पूरा प्रयास किया जाएगा।- प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा, प्रधानाचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गाजीपुर।
प्राईवेट वार्ड बनाने की दिशा में उठेगा कदम
गाजीपुर। गैर प्रांतों एवं जनपद में स्थापित मेडिकल कालेजों की तरह यहां भी प्राईवेट वार्ड बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल के भवन पूर्ण होने और उसके संचालन के बाद 200 बेड के जिला अस्पताल में प्राईवेट वार्ड बनाने को लेकर कार्य किया जाएगा। यहीं नहीं इसके लिए शासन के निर्देश मूल्य का निर्धारण भी किया जाएगा, जिससे प्राईवेट वार्ड के लिए तीमारदार भुगतान कर मरीजों को भर्ती करा सकेंगे।
प्रधानाचार्य ने निर्माणाधीन अस्पताल का किया निरीक्षण
गाजीपुर। नगर के गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में बन रहे निर्माणाधीन सात मंजिला 300 बेड के अस्पताल का सोमवार को मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में चल रहे कार्यों की समीक्षा करने के साथ कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को दिशा- निर्देश भी दिया। उन्होंने अस्पताल में बने ओपीडी कक्ष, स्लोपिंग, मरीजों को भर्ती करने वाले वार्ड, लेक्चर हाल सहित अन्य कक्षों को गहनता पूर्वक देखा।
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लंबे समय से चिकित्सकीय सुविधाओं का टोटा बने जनपद में मेडिकल कालेज के संचालन के बाद चिकित्सा क्षेत्र को अब एक नई दिशा मिलनी शुरू हो गई है। करोड़ों की लागत से बन रहे सात मंजिला 300 बेड के अस्पताल के तैयार हो जाने पर जहां जिले में बेडों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी। वहीं दवा और जांच के लिए भटक रहे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
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निर्माणधीन अस्पताल में सात मंजिला भवन तो तैयार हो चुका है, लेकिन अभी फिनिशिंग और लिफ्ट सहित अन्य कार्य पूर्ण होने करीब पांच माह लग जाएंगे। हालांकि कार्यदायी संस्था की ओर से इसे पूर्ण करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है, जिससे जनवरी माह तक भवन कॉलेज को सुपुर्द किया जा सके। इस भवन में एक लेक्चर हॉल भी बनाया गया, जिससे यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को देखने एवं इलाज की जानकारी एमबीबीएस के छात्र विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्राप्त तो करेंगे ही, साथ ही लेक्चर हाल में चिकित्सकीय क्षेत्र की पढ़ाई भी करेंगे। इसके अलावा इसे 21 ओपीडी कक्ष से लैस किया गया, जहां अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। जांच की सुविधा देेने के लिए अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जाएगा, वहीं ब्लड बैंक भी स्थापित कराया जाएगा। एक ही छत के नीचे के मरीजों सभी चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने कार्य किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले मरीजों को इधर-उधर न भटकना पड़े।
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अभी निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल में काफी कार्य शेष है। बाहर से भवन तो बन गया है, लेकिन भवन के अंदर का कार्य पूर्ण होने में समय लगेगा। जनवरी तक कार्यदायी संस्था इसे सुपुर्द कर देगी। फरवरी माह से इसके संचालन को लेकर पूरा प्रयास किया जाएगा।- प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा, प्रधानाचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गाजीपुर।
प्राईवेट वार्ड बनाने की दिशा में उठेगा कदम
गाजीपुर। गैर प्रांतों एवं जनपद में स्थापित मेडिकल कालेजों की तरह यहां भी प्राईवेट वार्ड बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल के भवन पूर्ण होने और उसके संचालन के बाद 200 बेड के जिला अस्पताल में प्राईवेट वार्ड बनाने को लेकर कार्य किया जाएगा। यहीं नहीं इसके लिए शासन के निर्देश मूल्य का निर्धारण भी किया जाएगा, जिससे प्राईवेट वार्ड के लिए तीमारदार भुगतान कर मरीजों को भर्ती करा सकेंगे।
प्रधानाचार्य ने निर्माणाधीन अस्पताल का किया निरीक्षण
गाजीपुर। नगर के गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में बन रहे निर्माणाधीन सात मंजिला 300 बेड के अस्पताल का सोमवार को मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में चल रहे कार्यों की समीक्षा करने के साथ कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को दिशा- निर्देश भी दिया। उन्होंने अस्पताल में बने ओपीडी कक्ष, स्लोपिंग, मरीजों को भर्ती करने वाले वार्ड, लेक्चर हाल सहित अन्य कक्षों को गहनता पूर्वक देखा।