भीमापार/ औड़िहार। सैदपुर से मात्र दस किमी की दूरी पर स्थित विक्रमपुर गांव का रहने वाला अजीत रावत सिर्फ 18 वर्ष की आयु से ही छोटी घटनाओं जैसे चोरी, छिनैती को अंजाम देते हुए अपराध की दुनिया में आगे निकल गया था। वह 24 वर्ष की आयु में गैर जनपदों के थाने का गैंगस्टर बन बैठा। एक वर्ष पहले ही अजीत की शादी हुई, थी लेकिन ग्रामीणों ने ठीक से उसका चेहरा भी नहीं देखा था। गाजीपुर जिले में अजीत रावत के खिलाफ एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है।
विक्रमपुर निवासी अशोक रावत और सीमा रावत का पुत्र अजीत रावत अपराध के सफर पर निकल गया है इसकी परिजनों तक को भनक नहीं थी। अजीत ने बीते 23 अगस्त को न्यायालय में सरेंडर किया तो परिजनों को जानकारी हो हुई कि बेटा शातिर अपराधी और गैंगस्टर जैसे एक्ट का आरोपी है। विक्रमपुर गांव निवासी संजय सिंह ने बताया कि अजीत रावत का चेहरा भी ग्रामीणों को याद नहीं होगा। गांव में वह काफी कम आता-जाता था। ऐसे में शायद ही कोई ग्रामीणों उसको देखा या पहचानता हो। ग्रामीण रमेश सिंह ने बताया कि अजीत रावत गांव में बहुत कम दिखाई पड़ता था। कई ग्रामीण तो उसका नाम भी नहीं जानते हैं। घटना की जानकारी के बाद परिजन भी रोते बिलखते हुए वहां पहुंच गए हैं। भीमापार चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में अजीत रावत के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।