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बिछुड़ननाथ मंदिर की राह देख निकलेगी आह
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मौधा। श्रावण मास की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है। पहला सोमवार 18 को है। इसी दिन क्षेत्र के शिव मंदिरों में जलाभिषेक होगा। सावन शुरू होने में महज तीन दिन शेष हैं लेकिन क्षेत्र के शिव मंदिरों के आसपास साफ-सफाई के इंतजाम नहीं किए गए हैं। बभनौली गांव के बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर परिसर की हालत देखकर लगता है कि एक मास तक चलने वाले इस त्योहार की प्रशासन को सुधि नहीं है।
क्षेत्र के प्रसिद्ध बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर में इस बार भी पवित्र सावन माह में हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। इसके बावजूद मंदिर के आसपास न तो साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही समुचित प्रकाश की व्यवस्था। हालांकि मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग भी अत्यंत जर्जर है। श्रद्धालुओं को इन रास्तों पर मुसीबतों का सामना करते हुए ही मंदिर तक पहुंचना पड़ेगा। गंदगी और कीचड़ के साथ मार्ग के गड्ढों में जलजमाव भी श्रद्धालुओं की मुसीबत का कारण बनेगा। शनिवार को बिछुड़ननाथ मंदिर के आसपास कूड़े का ढेर लगा दिखा। मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर बिजली के खंभे तो हैं लेकिन उन पर लाइट नहीं है। पेयजल के लिए कांवरियों को तरसना पड़ेगा। वजह हैंडपंप उखड़े पड़े हैं और परिसर में ही स्थापित पानी की टंकी की सारी टोटियां गायब हैं। मंदिर में स्थापित कभी गुलजार रहने वाला उपवन उजाड़ हो चुका है। कथा और प्रवचन जैसे पुनीत कार्यों के लिए बनाया गया चबूतरा धंसकर और खतरनाक हो गया है। वृक्षों के पास बने चबूतरे टूट चुके हैं।
सावन का महीना शिव भक्तों के लिए खास होता है। हजारों की संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए बाबा बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर आते हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब हैं। भक्तों को पैर तक धोने की व्यवस्था नहीं है।- शेखर पाठक
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सावन माह शुरू होने जा रहा है। मंदिरों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। लंबी यात्रा कर रात में पहुंचने वालों को अंधेरे का सामना करना पड़ेगा। - सचिदानंद
बिछुड़ननाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के सामने मार्ग की सबसे बड़ी समस्या है। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों की नियमित सफाई नहीं होती है। परिसर में कभी गुलजार रहने वाला उपवन बदइंतजामी का शिकार हो गया है । - अमरजीत शर्मा
सावन शुरू होते ही भक्तों का जत्था निकलना शुरू हो जाएगा लेकिन जिम्मेदार लोग अभी चैन की नींद सो रहे हैं। जबकि बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर अति प्राचीन है। सावन के महीने में प्रतिदिन यहां भारी भीड़ होती है । - पतिराम
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क्षेत्र के प्रसिद्ध बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर में इस बार भी पवित्र सावन माह में हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। इसके बावजूद मंदिर के आसपास न तो साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही समुचित प्रकाश की व्यवस्था। हालांकि मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग भी अत्यंत जर्जर है। श्रद्धालुओं को इन रास्तों पर मुसीबतों का सामना करते हुए ही मंदिर तक पहुंचना पड़ेगा। गंदगी और कीचड़ के साथ मार्ग के गड्ढों में जलजमाव भी श्रद्धालुओं की मुसीबत का कारण बनेगा। शनिवार को बिछुड़ननाथ मंदिर के आसपास कूड़े का ढेर लगा दिखा। मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर बिजली के खंभे तो हैं लेकिन उन पर लाइट नहीं है। पेयजल के लिए कांवरियों को तरसना पड़ेगा। वजह हैंडपंप उखड़े पड़े हैं और परिसर में ही स्थापित पानी की टंकी की सारी टोटियां गायब हैं। मंदिर में स्थापित कभी गुलजार रहने वाला उपवन उजाड़ हो चुका है। कथा और प्रवचन जैसे पुनीत कार्यों के लिए बनाया गया चबूतरा धंसकर और खतरनाक हो गया है। वृक्षों के पास बने चबूतरे टूट चुके हैं।
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सावन का महीना शिव भक्तों के लिए खास होता है। हजारों की संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए बाबा बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर आते हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब हैं। भक्तों को पैर तक धोने की व्यवस्था नहीं है।- शेखर पाठक
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सावन माह शुरू होने जा रहा है। मंदिरों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। लंबी यात्रा कर रात में पहुंचने वालों को अंधेरे का सामना करना पड़ेगा। - सचिदानंद
बिछुड़ननाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के सामने मार्ग की सबसे बड़ी समस्या है। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों की नियमित सफाई नहीं होती है। परिसर में कभी गुलजार रहने वाला उपवन बदइंतजामी का शिकार हो गया है । - अमरजीत शर्मा
सावन शुरू होते ही भक्तों का जत्था निकलना शुरू हो जाएगा लेकिन जिम्मेदार लोग अभी चैन की नींद सो रहे हैं। जबकि बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर अति प्राचीन है। सावन के महीने में प्रतिदिन यहां भारी भीड़ होती है । - पतिराम