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Ghazipur News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों का पता लगाने के लिए होगा सर्वे
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गाजीपुर। स्कूली शिक्षा से दूर बच्चों को स्कूल तक लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए 6 से 14 वर्ष के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए परिवार सर्वेक्षण (शारदा) स्कूल हर दिन आए कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत पहले चरण में एक से 31 जुलाई तक और दूसरा चरण 16 अगस्त से 15 सितंबर तक चलेगा।
आदेश के मुताबिक जो बच्चे स्कूली शिक्षा से दूर हैं, उन्हें उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें दो श्रेणी के बच्चे हैं। पहले वे, जिनका विद्यालय में कभी भी नामांकन नहीं किया गया हो और दूसरे ऐसे बच्चे, जिनका विद्यालय में पूर्व में नामांकन हुआ था लेकिन किन्हीं कारणवश अपनी शिक्षा पूरी किए बिना वे विद्यालय छोड़कर चले गए अर्थात ड्राॅप आउट हो गए।
शैक्षिक सत्र 2025-26 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक, अध्यापकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की जिम्मेदारी होगी। विद्यालय के अतिरिक्त समय में सर्वेक्षण के दौरान उन्हें घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित करना होगा। परिवार सर्वेक्षण का ब्योरा विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखा जाएगा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि प्रथम चरण के परिवार सर्वेक्षण प्रपत्रों के विवरण को निर्धारित तिथि के अनुसार प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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ऐसे में बीते वर्ष सर्वेक्षण में अगर कोई परिवार वंचित रह गया है तो ऐसे परिवारों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। अगर कोई सदस्य सर्वेक्षण से छूट गया है या वर्तमान में परिवार का सदस्य नहीं है तो ऐसे परिवार के सदस्यों के विवरण को एडिट किया जाएगा।
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आदेश के मुताबिक जो बच्चे स्कूली शिक्षा से दूर हैं, उन्हें उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें दो श्रेणी के बच्चे हैं। पहले वे, जिनका विद्यालय में कभी भी नामांकन नहीं किया गया हो और दूसरे ऐसे बच्चे, जिनका विद्यालय में पूर्व में नामांकन हुआ था लेकिन किन्हीं कारणवश अपनी शिक्षा पूरी किए बिना वे विद्यालय छोड़कर चले गए अर्थात ड्राॅप आउट हो गए।
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शैक्षिक सत्र 2025-26 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक, अध्यापकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की जिम्मेदारी होगी। विद्यालय के अतिरिक्त समय में सर्वेक्षण के दौरान उन्हें घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित करना होगा। परिवार सर्वेक्षण का ब्योरा विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखा जाएगा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि प्रथम चरण के परिवार सर्वेक्षण प्रपत्रों के विवरण को निर्धारित तिथि के अनुसार प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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ऐसे में बीते वर्ष सर्वेक्षण में अगर कोई परिवार वंचित रह गया है तो ऐसे परिवारों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। अगर कोई सदस्य सर्वेक्षण से छूट गया है या वर्तमान में परिवार का सदस्य नहीं है तो ऐसे परिवार के सदस्यों के विवरण को एडिट किया जाएगा।