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जिले के 137 विद्यालय डिबार घोषित
Ghazipur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड का मानक पूरा नहीं करने वाले जिले के 137 विद्यालयों को डिबार घोषित कर दिया है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि इन विद्यालयों को किसी भी कीमत पर परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। बोर्ड से डिबार घोषित स्कूलों की सूची डीएम को भेजी जाएगी। इसको लेकर स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बतादें कि यह जिला नकल के मामले में पहले से ही बदनाम रहा है। नकल माफियाओं की जड़ें इस कदर मजबूत हो चुकी हैं, जिसे उखाड़ पाना मुश्किल हो गया है। नए जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह ने माध्यमिक स्कूलों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। जिससे नकल माफियाओं के होश उड़े हुए हैं। इधर, प्रदेश में केंद्र निर्धारण नीति भी घोषित हो गई है। नीति घोषित होने के बाद बोर्ड ने मानक पूरा नहीं करने वाले स्कूलों को डिबार की श्रेणी में रख दिया है। बोर्ड कार्यालय से जो सूची आई है उसमें 104 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीकरण फार्म जमा नहीं किए थे। इन विद्यालयों की छात्र संख्या भी शून्य कर दी गई। ऐसे विद्यालय कागज में संचालित होते हैं। इसके लिए बीते 17 फरवरी 2011 में बोर्ड की बैठक हुई थी। इस बैठक में उक्त विद्यालयों को डिबार घोषित करने का फैसला किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2011-12 में बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले 33 विद्यालयोें को डिबार घोषित किया है। इन विद्यालयों ने बोर्ड परीक्षा का मानक भी नहीं पूरा किया था। अधिकारियों की जांच में छात्र नकल करते पकड़े गए थे। इसलिए इन विद्यालयों में दोबारा बोर्ड परीक्षा आयोजित हुई थी। इसकी जानकारी देते हुए डीआईओएस रामकरन यादव ने बताया कि कुल 137 विद्यालयों को बोर्ड ने डिबार घोषित किया है। इन विद्यालयों ने बोर्ड का मानक पूरा नहीं किया था। अब यह सूची जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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बतादें कि यह जिला नकल के मामले में पहले से ही बदनाम रहा है। नकल माफियाओं की जड़ें इस कदर मजबूत हो चुकी हैं, जिसे उखाड़ पाना मुश्किल हो गया है। नए जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह ने माध्यमिक स्कूलों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। जिससे नकल माफियाओं के होश उड़े हुए हैं। इधर, प्रदेश में केंद्र निर्धारण नीति भी घोषित हो गई है। नीति घोषित होने के बाद बोर्ड ने मानक पूरा नहीं करने वाले स्कूलों को डिबार की श्रेणी में रख दिया है। बोर्ड कार्यालय से जो सूची आई है उसमें 104 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीकरण फार्म जमा नहीं किए थे। इन विद्यालयों की छात्र संख्या भी शून्य कर दी गई। ऐसे विद्यालय कागज में संचालित होते हैं। इसके लिए बीते 17 फरवरी 2011 में बोर्ड की बैठक हुई थी। इस बैठक में उक्त विद्यालयों को डिबार घोषित करने का फैसला किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2011-12 में बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले 33 विद्यालयोें को डिबार घोषित किया है। इन विद्यालयों ने बोर्ड परीक्षा का मानक भी नहीं पूरा किया था। अधिकारियों की जांच में छात्र नकल करते पकड़े गए थे। इसलिए इन विद्यालयों में दोबारा बोर्ड परीक्षा आयोजित हुई थी। इसकी जानकारी देते हुए डीआईओएस रामकरन यादव ने बताया कि कुल 137 विद्यालयों को बोर्ड ने डिबार घोषित किया है। इन विद्यालयों ने बोर्ड का मानक पूरा नहीं किया था। अब यह सूची जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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