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आठ साल की बच्ची पर 307 का केस
Ghazipur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। मरदह थाना क्षेत्र के मलिकनाथपुर गांव के दलित देवशरण राम की आठ साल की बेटी मायावती के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित के बचाव में उतरे प्रांतीय रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष राम दयाल राम ने कहा कि मामला फर्जी है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। शुक्रवार को वह बालिका को लेकर एसपी से मिलने पहुंचे हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।
पीड़ित के मुताबिक एसपी को शिकायती पत्र भेजा गया है। मलिकनाथपुर में चार अक्तूबर 2012 को मारपीट हुई थी। इसकी तहरीर पुलिस को दी गई थी लेकिन पुलिस ने इसे दबाकर उल्टे विपक्ष के दबाव में बच्ची समेत छह लोगों के खिलाफ 147, 307, 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जाए तो मरदह पुलिस की कारस्तानी जाहिर हो जाएगी। राम दयाल राम ने जिला पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो उनका संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद रमेश गुप्ता ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। अभी तक आरोपित पुलिस के समक्ष नहीं आए हैं। उनके सामने आने पर ही नाबालिग बच्ची के बारे में कुछ विचार किया जा सकता है। यदि बच्ची नाबालिग है और मारपीट में शामिल रही है तो उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड को पुलिस स्थानांतरित कर देगी। मुकदमा दर्ज करने में पुलिस का कोई दोष नहीं है।
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पीड़ित के मुताबिक एसपी को शिकायती पत्र भेजा गया है। मलिकनाथपुर में चार अक्तूबर 2012 को मारपीट हुई थी। इसकी तहरीर पुलिस को दी गई थी लेकिन पुलिस ने इसे दबाकर उल्टे विपक्ष के दबाव में बच्ची समेत छह लोगों के खिलाफ 147, 307, 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जाए तो मरदह पुलिस की कारस्तानी जाहिर हो जाएगी। राम दयाल राम ने जिला पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो उनका संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।
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इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद रमेश गुप्ता ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। अभी तक आरोपित पुलिस के समक्ष नहीं आए हैं। उनके सामने आने पर ही नाबालिग बच्ची के बारे में कुछ विचार किया जा सकता है। यदि बच्ची नाबालिग है और मारपीट में शामिल रही है तो उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड को पुलिस स्थानांतरित कर देगी। मुकदमा दर्ज करने में पुलिस का कोई दोष नहीं है।
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