{"_id":"63163","slug":"Ghazipur-63163-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेचक के प्रकोप से बच्ची की मौत!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेचक के प्रकोप से बच्ची की मौत!
Ghazipur
Updated Sat, 19 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीमुद्दीनपुर। गुरुवार को एक बीमार बच्ची की मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना था कि वह चेचक की चपेट में थी लेकिन सीएमओ डा आरपी गुप्ता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि चेचक से मौत का सवाल ही पैदा नहीं होता, इसकी वजह कुछ और होगी। यही नहीं गांव के लोगों का दावा है कि दर्जन भर लोग अभी और चेचक की चपेट में हैं।
स्थानीय बाजार निवासी सुरेश राजभर की बीमार पुत्री पूजा (13) की मौत हो गई। लोगों और घरवालों का कहना कि वह पिछले एक सप्ताह से चेचक से पीड़ित थी। घर वालों ने इलाज के अलावा पूजा पाठ भी करवाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय तथा आस पास के क्षेत्र में चेचक (बड़ी माता) का प्रकोप बहुत तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में करीमुद्दीनपुर के सतेन्द्र राय के पुत्र आशीष राय (12), प्रदीप सेठ के पुत्र किशन कुमार (14)हैं। इसके पहले भी किशन कुमार (15), धीरेन्द्र राय (34), भोला राय (45), प्रांजलि (19), गोलू राय (9) आदि भी इस रोग की चपेट में है। इसी प्रकार राजापुर गांव में मनोज राय के परिवार के कई सदस्यों को चेचक हुआ है। बरईपुर में भी कुछ बच्चों सहित कई लोग इसकी चपेट में है। इधर बढ़ते संक्रामक रोगों से पूरा इलाका जूझ रहा है। इसकी जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोकथाम के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। जिससे लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय बाजार निवासी सुरेश राजभर की बीमार पुत्री पूजा (13) की मौत हो गई। लोगों और घरवालों का कहना कि वह पिछले एक सप्ताह से चेचक से पीड़ित थी। घर वालों ने इलाज के अलावा पूजा पाठ भी करवाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि स्थानीय तथा आस पास के क्षेत्र में चेचक (बड़ी माता) का प्रकोप बहुत तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में करीमुद्दीनपुर के सतेन्द्र राय के पुत्र आशीष राय (12), प्रदीप सेठ के पुत्र किशन कुमार (14)हैं। इसके पहले भी किशन कुमार (15), धीरेन्द्र राय (34), भोला राय (45), प्रांजलि (19), गोलू राय (9) आदि भी इस रोग की चपेट में है। इसी प्रकार राजापुर गांव में मनोज राय के परिवार के कई सदस्यों को चेचक हुआ है। बरईपुर में भी कुछ बच्चों सहित कई लोग इसकी चपेट में है। इधर बढ़ते संक्रामक रोगों से पूरा इलाका जूझ रहा है। इसकी जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोकथाम के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। जिससे लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
विज्ञापन