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कई स्कूलों के बच्चों को नहीं मिला ड्रेस
Ghazipur
Updated Wed, 05 Nov 2014 05:30 AM IST
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सादात। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते सादात ब्लाक के कई प्राथमिक और उच्च विद्यालयों के छात्रों को ड्रेस नहीं मिल सका। जबकि 15 अक्तूबर तक हरहाल में विद्यालयों में ड्रेस वितरित कर देना था। उन्हीं विद्यालयों में ड्रेस वितरित हो पाया जहां विद्यालयों के शिक्षकों ने खुद रुचि दिखाई। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय से बजट नहीं आने के कारण ड्रेस वितरित नहीं हो सका। जल्द ही बच्चों को ड्रेस वितरित किया जाएगा।
जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन और निर्धारित समय पर ड्रेस वितरित करने का निर्देश है। प्रतिवर्ष समीक्षा में यह देखा गया है कि योजना के तहत बच्चों का इन विद्यालयों में नामांकन और ठहराव में वृद्धि हुई है। उसे देखते हुए शासन ने व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया है। इस शैक्षिक सत्र में शासन की तरफ से 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक ड्रेस वितरित करने का निर्देश दिया गया था। मगर 15 अक्तूबर तक कुछ ही विद्यालयों के छात्रों को ड्रेस वितरित हो सका। विकास खंड क्षेत्र में कुल 188 में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 46 हैं तथा शेष 19 सहायता प्राप्त परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 28 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्रों को दो सेट में ड्रेस बांटी जानी है। प्रत्येक सेट के लिए दो-दो सौ रुपये की धनराशि निर्धारित है। बावजूद इसके बच्चों को ड्रेस अभी तक नहीं मिला। वे ड्रेस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाध्यापकों का कहना है कि ड्रेस के लिए आवंटित धनराशि निर्धारित अवधि के बाद आने से ड्रेस वितरण में विलंब हो गया है। जल्द ही बच्चों को ड्रेस उपलब्ध करा दी जाएगी। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि हर साल ऐसा होता है कि समय से बच्चों को ड्रेस नहीं मिलता है। बाद में देने के नाम पर गोलमाल किया जाता है। ऐसा भी होता है कि एक सेट ड्रेस देकर बाद देने की बात कही जाती है। बाद में कुछ नहीं होता है।
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जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन और निर्धारित समय पर ड्रेस वितरित करने का निर्देश है। प्रतिवर्ष समीक्षा में यह देखा गया है कि योजना के तहत बच्चों का इन विद्यालयों में नामांकन और ठहराव में वृद्धि हुई है। उसे देखते हुए शासन ने व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया है। इस शैक्षिक सत्र में शासन की तरफ से 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक ड्रेस वितरित करने का निर्देश दिया गया था। मगर 15 अक्तूबर तक कुछ ही विद्यालयों के छात्रों को ड्रेस वितरित हो सका। विकास खंड क्षेत्र में कुल 188 में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 46 हैं तथा शेष 19 सहायता प्राप्त परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 28 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्रों को दो सेट में ड्रेस बांटी जानी है। प्रत्येक सेट के लिए दो-दो सौ रुपये की धनराशि निर्धारित है। बावजूद इसके बच्चों को ड्रेस अभी तक नहीं मिला। वे ड्रेस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाध्यापकों का कहना है कि ड्रेस के लिए आवंटित धनराशि निर्धारित अवधि के बाद आने से ड्रेस वितरण में विलंब हो गया है। जल्द ही बच्चों को ड्रेस उपलब्ध करा दी जाएगी। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि हर साल ऐसा होता है कि समय से बच्चों को ड्रेस नहीं मिलता है। बाद में देने के नाम पर गोलमाल किया जाता है। ऐसा भी होता है कि एक सेट ड्रेस देकर बाद देने की बात कही जाती है। बाद में कुछ नहीं होता है।
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