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मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ ने दिया धरना
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:08 PM IST
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गाजीपुर। अपनी तेरह सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने गुरुवार को विकास भवन परिसर में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों पर गंभीर होकर उसे पूरा नहीं करती है तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी परिभाषित पेंशन व्यवस्था की जाए। पचास वर्ष की सेवा के उपरांत जबरिया सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त किया जाए। वेतन विसंगतियों को समाप्त करने के साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत स्वीकार करते हुए राज्य सचिवालयों से ब्लाक स्तर तक के कर्मचारियों का समान वेतन स्वीकृत किया जाए। केंद्र के समान सभी भत्ते एवं अन्य सुविधाएं राज्य कर्मचारियों को उपलब्ध कराई। नियमित किए गए पूर्व कार्य प्रभारित कर्मचारियों की सेवाएं पेंशन के लिए जोड़ी जाए तथा बचे कर्मचारियों को नियमित किए जाए। कहा कि चरित्र पंजिका की व्यवस्था समाप्त किया जाए तथा अन्य प्रदेशों की भांति फारमेंस रिपोर्ट स्वयं कर्मचारियों द्वारा देने को मान्य किया जाए। आउट सोर्सिंग की व्यवस्था समाप्त किया जाए एवं संविदा तथा आउट सोर्सिंग पर नियुक्त कर्मचारियों को नियमित किया जाए। रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दिया कि मांगे माने जाने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के संयोजक रामअवतार यादव, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार यादव, राज्य कर्मचारी संयक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव, मनोज कुमार राय, जयराम यादव, रामनगीना यादव, अंजू सिंह, सुरेश यादव, वृंदा सिंह आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अभयराज सिंह तथा संचालन जखनिया सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रोशन लाल ने किया। अंत में यूपी मिनिस्ट्रीयल के जिलाध्यक्ष विजय शंकर राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी परिभाषित पेंशन व्यवस्था की जाए। पचास वर्ष की सेवा के उपरांत जबरिया सेवानिवृत्ति के आदेश को निरस्त किया जाए। वेतन विसंगतियों को समाप्त करने के साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत स्वीकार करते हुए राज्य सचिवालयों से ब्लाक स्तर तक के कर्मचारियों का समान वेतन स्वीकृत किया जाए। केंद्र के समान सभी भत्ते एवं अन्य सुविधाएं राज्य कर्मचारियों को उपलब्ध कराई। नियमित किए गए पूर्व कार्य प्रभारित कर्मचारियों की सेवाएं पेंशन के लिए जोड़ी जाए तथा बचे कर्मचारियों को नियमित किए जाए। कहा कि चरित्र पंजिका की व्यवस्था समाप्त किया जाए तथा अन्य प्रदेशों की भांति फारमेंस रिपोर्ट स्वयं कर्मचारियों द्वारा देने को मान्य किया जाए। आउट सोर्सिंग की व्यवस्था समाप्त किया जाए एवं संविदा तथा आउट सोर्सिंग पर नियुक्त कर्मचारियों को नियमित किया जाए। रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दिया कि मांगे माने जाने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
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इस मौके पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के संयोजक रामअवतार यादव, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार यादव, राज्य कर्मचारी संयक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव, मनोज कुमार राय, जयराम यादव, रामनगीना यादव, अंजू सिंह, सुरेश यादव, वृंदा सिंह आदि मौजूद थे। अध्यक्षता राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अभयराज सिंह तथा संचालन जखनिया सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रोशन लाल ने किया। अंत में यूपी मिनिस्ट्रीयल के जिलाध्यक्ष विजय शंकर राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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