{"_id":"636fdf24770e89464247da69","slug":"87095-cases-settled-in-national-lok-adalat-ghazipur-news-vns6833318127","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में 87095 वाद निस्तारित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में 87095 वाद निस्तारित
विज्ञापन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में न केवल मुकदमों का निस्तारण किया जाता है, बल्कि पक्षकारों के मध्य परस्पर वैमनस्यता भी समाप्त हो जाती है। इसमें 87095 वाद निस्तारित किए गए।
नोडल अधिकारी लोक अदालत राकेश कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए नियत वादों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। पूर्णकालिक सचिव कामायनी दूबे ने बताया कि लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रांति आई है और लोगों में विधिक जागरूकता भी बढ़ी है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 109511 मामले निस्तारण के लिए नियत किए गए थे, जिसमें सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 87095 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए।
राजस्व विभाग आदि के 6531 मामले, विभिन्न न्यायालयों द्वारा 17762 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग की ओर से कुल 62802 मामले निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में 14.65 करोड़ की धनराशि के संबंध में आदेश पारित हुआ। दीवानी न्यायालय द्वारा कुल 82.72 करोड़ रुपये के संबंध में आदेश पारित किया गया। राजस्व न्यायालयों एवं बैंक में कुल 63.82 करोड़ के संबंध में सुलह-समझौता हुआ। न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 98 वाद निस्तारित किए गए एवं कुल 5.45 करोड़ रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित किया गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वारा 59 वाद निस्तारित किए गए जिसमें एक मामले में पति-पत्नी में सुलह कराकर उन्हें न्यायालय से एक साथ विदा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोडल अधिकारी लोक अदालत राकेश कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए नियत वादों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। पूर्णकालिक सचिव कामायनी दूबे ने बताया कि लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रांति आई है और लोगों में विधिक जागरूकता भी बढ़ी है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 109511 मामले निस्तारण के लिए नियत किए गए थे, जिसमें सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 87095 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए।
विज्ञापन
राजस्व विभाग आदि के 6531 मामले, विभिन्न न्यायालयों द्वारा 17762 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग की ओर से कुल 62802 मामले निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में 14.65 करोड़ की धनराशि के संबंध में आदेश पारित हुआ। दीवानी न्यायालय द्वारा कुल 82.72 करोड़ रुपये के संबंध में आदेश पारित किया गया। राजस्व न्यायालयों एवं बैंक में कुल 63.82 करोड़ के संबंध में सुलह-समझौता हुआ। न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 98 वाद निस्तारित किए गए एवं कुल 5.45 करोड़ रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित किया गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वारा 59 वाद निस्तारित किए गए जिसमें एक मामले में पति-पत्नी में सुलह कराकर उन्हें न्यायालय से एक साथ विदा किया गया।
विज्ञापन