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टेल तक नहीं पहुंच पा रहा पानी, किसान चिंतित
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:35 PM IST
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टेल तक नहीं पहुंच पा रहा पानी, किसान चिंतित
नहरों की साफ-सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की नहरें झाड़-झंखाड़ से पटी हुई है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों को धान की नर्सरी डालने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साधन संपन्न किसान तो डीजल इंजन से पानी की जरूरत पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए यह संभव नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों में काफी नाराजगी है।
दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार देवकली पंप कैनाल में पानी तो आता है, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में हरदासपुर कला, रामपुर पतारी, नायकडी आदि गांव में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साधन संपन्न किसान तो खेती कर लेते हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए यह संभव नहीं हो पाता है। उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। पानी के अभाव में उनकी खेती प्रभावित होती है। इस समय पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी डालने को लेकर चिंतित हैं। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार नहरों की सफाई न होने से देवैथा, ताजपुर कुर्रा, मगरखाई, खजुरी, धनाड़ी, अरंगी, पलिया आदि गांवों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण किसानों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बिना सफाई किए ही नहर में पानी छोड़ दिया जाता है। सफाई के अभाव में नगर में पानी का दबाव बढ़ जाता है। इससे नहर टूट जाते ही, जिससे नहर के आसपास के किसानों के खेत जलमग्न हो जाते है और फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
टेल तक पानी पहुंच सके, इसके लिए नहरों की साफ-सफाई समय-समय पर कराई जाती है। पंप पुराने होने की वजह से रुक-रुककर नहर में पानी छोड़ना पड़ रहा है, जिससे लगातार पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रहीं है। जहां टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वहां पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। - दिनेश सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग क्षेत्र में खेतों की सिंचाई करने के लिए तीन दशक पहले खोदा गया दलपतपुर रजवाहा किसानों के लिए आज तक अभिशाप साबित हो रहा है। बीस किलोमीटर लंबे यह लगभग दर्जनों गांवों की सिंचाई की सुविधा के लिए खोदा गया था। लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते इस रजवाहा में आज तक पानी नहीं आया। साफ-सफाई के अभाव में नहर जंगल के रूप में नजर आ रहा है। धान की नर्सरी लगाने का काम शुरू है। इसमें पानी की जरूरत होने के बावजूद भी नहरों की साफ-सफाई शुरू नहीं हो पाई है। सबसे बड़ी बात तो यह है की दलपतपुर राजवाहा की टेल तक खुदाई ही नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है की तीस वर्षों से खोदी गई नहर को टेल तक क्यों नहीं पहुंचाया गया, जबकि इसके लिए किसानों ने कई बार किसान सभा की तरफ से धरना-प्रदर्शन भी किया। इस नहर से हरदासपुर, नेवादा, कमसड़ी, असावर, दुबिहा, बांकी सहित दर्जनों गांव के लोग सिंचाई से वंचित हो रहे हैं।
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टेल तक नहीं पहुंच पा रहा पानी, किसान चिंतित
नहरों की साफ-सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की नहरें झाड़-झंखाड़ से पटी हुई है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों को धान की नर्सरी डालने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साधन संपन्न किसान तो डीजल इंजन से पानी की जरूरत पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए यह संभव नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों में काफी नाराजगी है।
दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार देवकली पंप कैनाल में पानी तो आता है, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में हरदासपुर कला, रामपुर पतारी, नायकडी आदि गांव में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साधन संपन्न किसान तो खेती कर लेते हैं, लेकिन गरीब किसानों के लिए यह संभव नहीं हो पाता है। उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। पानी के अभाव में उनकी खेती प्रभावित होती है। इस समय पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी डालने को लेकर चिंतित हैं। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार नहरों की सफाई न होने से देवैथा, ताजपुर कुर्रा, मगरखाई, खजुरी, धनाड़ी, अरंगी, पलिया आदि गांवों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण किसानों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बिना सफाई किए ही नहर में पानी छोड़ दिया जाता है। सफाई के अभाव में नगर में पानी का दबाव बढ़ जाता है। इससे नहर टूट जाते ही, जिससे नहर के आसपास के किसानों के खेत जलमग्न हो जाते है और फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
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टेल तक पानी पहुंच सके, इसके लिए नहरों की साफ-सफाई समय-समय पर कराई जाती है। पंप पुराने होने की वजह से रुक-रुककर नहर में पानी छोड़ना पड़ रहा है, जिससे लगातार पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रहीं है। जहां टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वहां पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। - दिनेश सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग क्षेत्र में खेतों की सिंचाई करने के लिए तीन दशक पहले खोदा गया दलपतपुर रजवाहा किसानों के लिए आज तक अभिशाप साबित हो रहा है। बीस किलोमीटर लंबे यह लगभग दर्जनों गांवों की सिंचाई की सुविधा के लिए खोदा गया था। लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते इस रजवाहा में आज तक पानी नहीं आया। साफ-सफाई के अभाव में नहर जंगल के रूप में नजर आ रहा है। धान की नर्सरी लगाने का काम शुरू है। इसमें पानी की जरूरत होने के बावजूद भी नहरों की साफ-सफाई शुरू नहीं हो पाई है। सबसे बड़ी बात तो यह है की दलपतपुर राजवाहा की टेल तक खुदाई ही नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है की तीस वर्षों से खोदी गई नहर को टेल तक क्यों नहीं पहुंचाया गया, जबकि इसके लिए किसानों ने कई बार किसान सभा की तरफ से धरना-प्रदर्शन भी किया। इस नहर से हरदासपुर, नेवादा, कमसड़ी, असावर, दुबिहा, बांकी सहित दर्जनों गांव के लोग सिंचाई से वंचित हो रहे हैं।
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