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सीसीटीवी कैमरा विहीन है विकास के कई कार्यालय
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:44 PM IST
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गाजीपुर। वर्तमान समय में सीसीटीवी कैमरा कितना महत्वपूर्ण हो गया है, यह आपसे बताने की जरूरत नहीं है। खास बात यह है कि इस कैमरे का महत्व जिले के आला-अधिकारी नहीं समझ रहे हैं। शायद यही कारण है कि विकास भवन में आज तक न तो बाहर और न ही अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। इससे यहां आने वाले लोगों के साथ ही अधिकारी और कर्मचारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शायद कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद आला-अधिकारियों को सीसीटीसी कैमरा लगवाने की याद आए।
विकास भवन में दो दर्जन से अधिक कार्यालय संचालित हैं। इसलिए विभिन्न कार्यों के सिलसिले में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का यहां आना-जाना लगा रहता है। अधिकांश लोग यहां बाइक से आते हैं। वह बाहर बाइक को खड़ा करते समय आसपास इस बात के लिए नजर दौड़ाते हैं कि कहीं सीसीटीवी कैमरा लगा है। जब कहीं भी कैमरा नहीं दिखाई देते हैं तो वाहन की सुरक्षा की लेकर उनकी चिंता बढ़ जाती है। वह कार्य के लिए अंदर कार्यालयों में तो चले जाते हैं, लेकिन बाहर खड़ी बाइक के चोरी होने की चिंता उन्हें सताती रहती है। इसलिए वह बार-बार बाहर आकर यह देखते है कि बाइक है या नहीं। अधिकांश ऐसा होता है कि कार्यालयों में विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आने वाले लोगों से काम को लेकर तू-तू, मैं-मैं के साथ ही तीखी झड़प भी होती रहती है। कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा न होने से झड़प करने वालों के मन में भी इस बात का डर नहीं रहता है कि उनकी इस हरकत का कोई सबूत नहीं रहेगा। आएदिन जहां जिलाधिकारी मीटिंग हाल में बैठक लेते हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों का भी आना-जाना लगा रहता है। कुल मिला कर विकास भवन कार्यालय के बाहर और अंदर किसी भी विभाग में सीसीटीवी कैमरा न होने से यहां आने वालों के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को असुरक्षा की भावना सताती रहता है।
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विकास भवन में दो दर्जन से अधिक कार्यालय संचालित हैं। इसलिए विभिन्न कार्यों के सिलसिले में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का यहां आना-जाना लगा रहता है। अधिकांश लोग यहां बाइक से आते हैं। वह बाहर बाइक को खड़ा करते समय आसपास इस बात के लिए नजर दौड़ाते हैं कि कहीं सीसीटीवी कैमरा लगा है। जब कहीं भी कैमरा नहीं दिखाई देते हैं तो वाहन की सुरक्षा की लेकर उनकी चिंता बढ़ जाती है। वह कार्य के लिए अंदर कार्यालयों में तो चले जाते हैं, लेकिन बाहर खड़ी बाइक के चोरी होने की चिंता उन्हें सताती रहती है। इसलिए वह बार-बार बाहर आकर यह देखते है कि बाइक है या नहीं। अधिकांश ऐसा होता है कि कार्यालयों में विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आने वाले लोगों से काम को लेकर तू-तू, मैं-मैं के साथ ही तीखी झड़प भी होती रहती है। कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा न होने से झड़प करने वालों के मन में भी इस बात का डर नहीं रहता है कि उनकी इस हरकत का कोई सबूत नहीं रहेगा। आएदिन जहां जिलाधिकारी मीटिंग हाल में बैठक लेते हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों का भी आना-जाना लगा रहता है। कुल मिला कर विकास भवन कार्यालय के बाहर और अंदर किसी भी विभाग में सीसीटीवी कैमरा न होने से यहां आने वालों के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को असुरक्षा की भावना सताती रहता है।
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