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एक महीना बाद भी 44 क्रयकेंद्रों की नहीं हुई बोहनी
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:02 PM IST
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गाजीपुर। जिले में धान की खरीद जोर नहीं पकड़ पा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब एक महीना बाद भी 44 क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। इन केंद्रों पर छटांक भर भी धान नहीं खरीदा जा सका है। जबकि कई संस्थाओं के केंद्रों पर नाममात्र की ही खरीद की गई है। ऐसे में निर्धारित अवधि तक लक्ष्य पूरा करना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष दो लाख 58 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह ज्यादा है। बीते वर्ष दो लाख एक हजार एमटी का लक्ष्य दिया गया था। इस बार खरीद के लिए जिले में विभिन्न संस्थाओं के 99 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें विपणन और पीसीएफ के 16-16, पंजीकृत सहकारी समिति के 29, कर्मचारी कल्याण निगम, एनसीसीएफ के 4-4, यूपी एग्रो तीन, एनसीएमएल प्राइवेट प्लेयर्स के 26 तथा एफसीआई का एक केंद्र शामिल है। खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित की गई है। देर से आवक होने के कारण खरीद की गति जोर नहीं पकड़ पा रही है। मिली जानकारी के अनुसार 27 नवंबर तक 5941.314 एमटी धान की खरीद की गई थी। हैरानी की बात यह है कि खरीद शुरू हुए करीब एक महीना होने जा रहा है। इसके बाद भी विभिन्न संस्थाओं के 44 क्रय केंद्र छटांक भर भी धान की खरीद नहीं कर सके हैं। अब तक 55 क्रय केंद्रों से ही खरीद की गई है। जिन संस्थाओं के केंद्रों की बोहनी नहीं हुई है उनमें विपणन, यूपी एग्रो, एनसीसीएफ के 1-1, पंजीकृत सहकारी समिति 8, पीसीएफ 12 तथा एनसीएमएल प्राइवेट प्लेयर्स के 21 केंद्र हैं। खरीद की जो गति है उससे निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा करना अधिकारियों के लिए आसान नहीं होगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित केंद्रों पर जल्द ही खरीद शुरू हो जाएगी। पीसीयू के तीन और क्रय केंद्र खुले हैं। अब कुल 102 क्रय केंद्र हो गए हैं।
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शासन की ओर से जिले को इस वर्ष दो लाख 58 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह ज्यादा है। बीते वर्ष दो लाख एक हजार एमटी का लक्ष्य दिया गया था। इस बार खरीद के लिए जिले में विभिन्न संस्थाओं के 99 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें विपणन और पीसीएफ के 16-16, पंजीकृत सहकारी समिति के 29, कर्मचारी कल्याण निगम, एनसीसीएफ के 4-4, यूपी एग्रो तीन, एनसीएमएल प्राइवेट प्लेयर्स के 26 तथा एफसीआई का एक केंद्र शामिल है। खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित की गई है। देर से आवक होने के कारण खरीद की गति जोर नहीं पकड़ पा रही है। मिली जानकारी के अनुसार 27 नवंबर तक 5941.314 एमटी धान की खरीद की गई थी। हैरानी की बात यह है कि खरीद शुरू हुए करीब एक महीना होने जा रहा है। इसके बाद भी विभिन्न संस्थाओं के 44 क्रय केंद्र छटांक भर भी धान की खरीद नहीं कर सके हैं। अब तक 55 क्रय केंद्रों से ही खरीद की गई है। जिन संस्थाओं के केंद्रों की बोहनी नहीं हुई है उनमें विपणन, यूपी एग्रो, एनसीसीएफ के 1-1, पंजीकृत सहकारी समिति 8, पीसीएफ 12 तथा एनसीएमएल प्राइवेट प्लेयर्स के 21 केंद्र हैं। खरीद की जो गति है उससे निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा करना अधिकारियों के लिए आसान नहीं होगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित केंद्रों पर जल्द ही खरीद शुरू हो जाएगी। पीसीयू के तीन और क्रय केंद्र खुले हैं। अब कुल 102 क्रय केंद्र हो गए हैं।
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